CG News: मां बमलेश्वरी के आगामी नवरात्र पर्व की तैयारियां तेज, सुविधाओं पर प्रशासन का विशेष फोकस
CG News: धर्मनगरी डोंगरगढ़ में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बमलेश्वरी मंदिर के आगामी शारदीय नवरात्र पर्व को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. नवरात्र के दौरान न केवल देश के कोने-कोने से बल्कि विदेशों से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां बमलेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं को सुचारू बनाने के लिए योजना तैयार की जा रही है.

प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की संयुक्त समीक्षा बैठक
मां बमलेश्वरी मंदिर परिसर में आयोजित इस उच्चस्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक में दुर्ग संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के अफसर, मंदिर ट्रस्ट समिति के पदाधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए. बैठक में मेले के दौरान श्रद्धालुओं के सुगम, सुरक्षित और अव्यवस्था-मुक्त दर्शन कराने की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई.

पार्किंग, पेयजल और पदयात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं
बैठक के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था बेहतर बनाने, पदयात्रियों के मार्ग में विश्राम स्थल, पीने के पानी, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा और रोशनी के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा मुख्य मंदिर क्षेत्र, सीढ़ियों और रोपवे के पास भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की बात कही गई.
असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर
लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भीड़-भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और सादे कपड़ों में तैनात जवानों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी. जेबकतरी, चोरी, नशाखोरी, छेड़छाड़ या अन्य संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त असामाजिक तत्वों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
अंतर-विभागीय समन्वय से संपन्न होगा नवरात्र मेला
अधिकारियों ने कहा कि नवरात्र पर्व को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए स्वास्थ्य, विद्युत, नगर पालिका, परिवहन और पुलिस विभाग आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करेंगे. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि माता के दरबार में पहुंचने वाले किसी भी पदयात्री या बाहरी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और मेला निर्विघ्न संपन्न हो.

