CG News: छत्तीसगढ़ में DEO’s पर बड़ी कार्रवाई, 31 जिलों के शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी
CG News: छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में लापरवाही को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. लोक शिक्षण संचालनालय ने बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर प्रदेश के शेष सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. समय पर जानकारी न देने और विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने पर संचालनालय ने अधिकारियों से जवाब तलब किया है. संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है.
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स्कूलों की बिल्डिंग से जुड़ी मांगी गई थी जानकारी
पूरा मामला स्कूलों की भौतिक स्थिति और भवनों की जानकारी से जुड़ा हुआ है. लोक शिक्षण संचालनालय ने बीते 7 सितंबर को एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी जिलों से ऐसे स्कूलों का ब्योरा मांगा था, जिनके पास खुद का भवन नहीं है या जिन इमारतों में तत्काल जीर्णोद्धार और मरम्मत की आवश्यकता है. विभाग ने इस पूरी जानकारी को संकलित कर भेजने के लिए अधिकारियों को एक हफ्ते की मोहलत दी थी.
समय-सीमा बीतने के बाद भी नहीं दिया जवाब
दी गई समयावधि खत्म होने के बावजूद केवल बलौदाबाजार और बलरामपुर जिले के शिक्षा अधिकारियों ने ही चाही गई जानकारी भेजी. बाकी जिलों के डीईओ ने विभागीय पत्र का कोई जवाब नहीं दिया. संचालनालय ने इसे शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही माना है. विभाग का कहना है कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे से जुड़ी यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें ढिलाई से छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई प्रभावित हो सकती है.
3 दिन की अंतिम मोहलत
अधिकारियों के इस रवैये से नाराज संचालनालय ने दोबारा स्मरण पत्र (नोटिस) जारी कर 3 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब और स्कूलों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित 3 दिनों में जवाब प्राप्त नहीं होता है या दिया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
अक्टूबर माह का वेतन रोकने का प्रस्ताव
प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए संचालनालय ने साफ कर दिया है कि समय पर रिपोर्ट न देने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों का अक्टूबर माह का वेतन रोक दिया जाएगा. वेतन रोकने की यह कार्रवाई प्रस्तावित कर दी गई है. इस कड़े रुख के बाद अब विभाग में हड़कंप मच गया है और बाकी जिलों के अधिकारी आनन-फानन में रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं.
