CG News: सीएम साय ने ली परिवहन विभाग की उच्चस्तरीय बैठक, ब्लैक स्पॉट सुधार और दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवा विस्तार के दिए निर्देश
CG News: मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए. मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए ‘जीरो फेटेलिटी’ का लक्ष्य तय किया है. उन्होंने कहा कि केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना हमारा उद्देश्य नहीं है, बल्कि हर संभावित जनहानि को रोकना प्राथमिकता है. इसके लिए परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी और नगरीय निकायों को एकजुट होकर मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए गए हैं.

ब्लैक स्पॉट सुधार और घायलों की त्वरित मदद पर जोर
बैठक में ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) में सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा गया. वर्तमान में राज्य के 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार कार्य प्रक्रियाधीन है. सीएम ने घायलों को तुरंत इलाज मुहैया कराने के लिए पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. पीएम-राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 7 दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा का प्रावधान है, वहीं राहवीर योजना समय पर मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करती है.
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दूरस्थ क्षेत्रों में विस्तार
दूरस्थ, ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों तक आवागमन को सुलभ बनाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. वर्तमान में यह योजना 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों के माध्यम से संचालित हो रही है. बैठक में बताया गया कि कोंटा से जगरगुंडा के बीच बस सेवा शुरू होने से जो सफर पहले 6 घंटे में तय होता था, वह अब मात्र 45 मिनट में पूरा हो रहा है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि परिवहन सुविधा से वंचित नए क्षेत्रों का सर्वे कर नई बस सेवाएं शुरू की जाएं.
वाहनों की ऑटोमेटेड फिटनेस जांच
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने का निर्देश दिया, जिससे पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें. इसके अलावा, वाहनों की तकनीकी जांच को पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों को बढ़ावा देने की बात कही गई. 15 वर्ष पुरानी गाड़ियों के नवीनीकरण और फिटनेस नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं.
ई-ट्रैक व्यवस्था, एचएसआरपी और चालान रिकवरी में तेजी
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ट्रैक व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे और सेंसर आधारित प्रणाली के जरिए कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा. इसके साथ ही वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने का अभियान तेजी से चलाने और अत्याधुनिक चालान प्रणाली के माध्यम से लंबित चालानों की रिकवरी जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं. इस बैठक में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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