CG News: महासमुंद के शासकीय प्राथमिक शाला चनाट का हुआ कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से बढ़ा बच्चों का रुझान
CG News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना विकासखंड में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला चनाट ने पीएमश्री योजना के अंतर्गत एक नया मुकाम हासिल किया है, सेवा संकल्प अभियान के प्रभाव से इस दूरस्थ वनांचल विद्यालय का पूरी तरह से कायाकल्प हो चुका है, आधुनिक सुविधाओं और गतिविधि आधारित शिक्षण प्रणाली के कारण अब छोटे बच्चों में पढ़ाई के प्रति नया उत्साह देखा जा रहा है, इस सकारात्मक बदलाव ने आसपास के ग्रामीण इलाकों के अभिभावकों को भी अपने बच्चों का दाखिला इसी विद्यालय में कराने के लिए प्रेरित किया है.

सर्वांगीण विकास के लिए अधोसंरचना में सुधार
राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार करना है, वर्ष 2023 में पीएमश्री स्कूल के रूप में चयनित होने के बाद चनाट के इस विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया गया, परिसर में बालवाड़ी संचालन के लिए अतिरिक्त कक्ष और ‘बैगलेस-डे’ की गतिविधियों हेतु विशेष स्थान तैयार किया गया है, जहाँ बच्चे योग, संगीत और विभिन्न रचनात्मक समूहों में भाग लेकर अपना सर्वांगीण विकास कर रहे हैं.
सुसज्जित परिसर और हर्बल गार्डन का निर्माण
विद्यालय प्रांगण को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने के लिए पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं, जिससे परिसर पूरी तरह से कीचड़ मुक्त हो गया है, इसके साथ ही जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग और छह क्यारियों वाला सुंदर उद्यान विकसित किया गया है, विद्यालय के हर्बल गार्डन में आंवला, तुलसी, कढ़ी पत्ता, एलोवेरा और लौंग जैसे औषधीय पौधे लगाए गए हैं, जिनसे बच्चों को प्रकृति और वनस्पतियों का व्यावहारिक ज्ञान मिल रहा है.
प्रिंट रिच कक्षाएं और रोचक शिक्षण सामग्री
बच्चों को सहज वातावरण में सिखाने के लिए सभी कक्षाओं को ‘प्रिंट रिच’ बनाया गया है, दीवारों पर हिंदी वर्णमाला, सप्ताह व महीनों के नाम, ज्यामितीय आकृतियां, सौरमंडल और राष्ट्रीय प्रतीकों के रंगीन चित्र उकेरे गए हैं, इस दृश्य-श्रव्य और गतिविधि आधारित माध्यम से बच्चे खेल-खेल में जटिल अवधारणाओं को आसानी से समझ रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक उपस्थिति और सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
स्वच्छता की आदतें और आधुनिक शैक्षणिक माहौल
विद्यालय में शुद्ध पेयजल व्यवस्था के साथ-साथ विशेष हैंडवॉश कॉर्नर और नए शौचालय निर्मित किए गए हैं, बच्चे भोजन से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद हाथ धोने की स्वस्थ आदत अपना रहे हैं, पीएमश्री योजना के तहत हुआ यह बदलाव यह साबित करता है कि सही संसाधनों और बेहतर अधोसंरचना के बल पर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूल भी उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र बन सकते हैं.

