CG News: नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर CM साय ने गिनाईं योजनाएं और उपलब्धियां
CG News: 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी. इसके साथ उनके सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री के रूप में एक नए चरण की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान गुजरात को भूकंप के बाद पुनर्निर्माण, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बदलावों के दौर से गुजरना पड़ा. बाद में वे देश के प्रधानमंत्री बने और केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं को लागू किया गया.

गरीबों तक योजनाओं की पहुंच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में वित्तीय समावेशन और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण पर जोर दिया गया. जनधन खातों, आधार और मोबाइल तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था को विस्तार मिला. उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के जरिए आवास, स्वच्छता, रसोई गैस और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर लागू किया गया.

जनजातीय समाज के लिए योजनाएं
छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल राज्य के संदर्भ में जनजातीय विकास से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं का भी उल्लेख किया गया. बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए पीएम-जनमन योजना और जनजातीय बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे कदमों को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया. इन योजनाओं का उद्देश्य जनजातीय समुदायों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना है.
इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल तकनीक
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश में सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे और बंदरगाहों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी जोर दिया गया. वंदे भारत ट्रेन, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट विस्तार जैसे प्रोजेक्ट इसी बदलाव का हिस्सा हैं. इसके साथ डिजिटल इंडिया और UPI के विस्तार ने डिजिटल भुगतान को देश में व्यापक स्तर पर बढ़ाया है. सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी भारत की क्षमता बढ़ाने पर नीतिगत जोर दिया जा रहा है.
विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की बात कही गई. वक्तव्य में कहा गया कि देश के विकास में बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, सामाजिक कल्याण और जनजातीय विकास जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में राज्यों और नागरिकों की भागीदारी को जरूरी बताया गया.

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