CG News: केंद्र छत्तीसगढ़ से खरीदेगा 73 लाख मीट्रिक टन चावल, 2027 से मिलेगा उन्नत राइस
CG News: खरीफ सीजन 2026-27 में केंद्र सरकार सेंट्रल पूल के लिए छत्तीसगढ़ से 73 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदेगी. साथ ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना यानी PMGKAY और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को उन्नत गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है. यह निर्णय 1 सितंबर को नई दिल्ली में हुई राज्य खाद्य सचिवों की बैठक में लिया गया. बैठक में छत्तीसगढ़ की खाद्य सचिव के साथ विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सचिव तथा FCI के अधिकारी मौजूद रहे.

खाद्यान्न खरीद और भंडारण की हुई समीक्षा
नई दिल्ली में हुई बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा ने की. बैठक में खाद्यान्न की खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और भंडारण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई. इसी दौरान खरीफ विपणन सीजन 2026-27 में चावल खरीद की तैयारियों पर भी चर्चा हुई. केंद्र के सेंट्रल पूल के लिए छत्तीसगढ़ से 73 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का निर्णय इसी प्रक्रिया का हिस्सा है.
1 जनवरी 2027 से लागू होगी नई व्यवस्था
PMGKAY और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत उन्नत चावल देने की व्यवस्था 1 जनवरी 2027 से लागू होगी. नई नीति के अनुसार खरीदे जाने वाले कच्चे चावल में टूटे हुए दानों की अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत होगी, जबकि अभी यह सीमा 25 प्रतिशत है. इसी तरह पारबॉयल्ड चावल में टूटे दानों की सीमा 5 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो वर्तमान 16 प्रतिशत की सीमा की जगह लागू होगी. उन्नत चावल की खरीद KMS 2026-27 से शुरू होगी और संबंधित राज्यों में इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा.
राज्यों को क्षमता बढ़ाने के निर्देश
केंद्र सरकार ने राज्यों से चावल की प्रोसेसिंग क्षमता का आकलन करने और जहां जरूरत हो, वहां आवश्यक तकनीकी उन्नयन की योजना बनाने को कहा है. इसके साथ ही नई व्यवस्था को लागू करने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का आग्रह किया गया है. इसका उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता वाले चावल की खरीद और वितरण व्यवस्था को धीरे-धीरे मजबूत करना है. इससे कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक उन्नत गुणवत्ता का चावल पहुंचाने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है.
मोटे अनाज और बाजरा खरीद पर भी चर्चा
बैठक में मोटे अनाज, बाजरा और छोटे बाजरा की खरीद तथा वितरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि 2025-26 के दौरान देश में 16.38 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज और बाजरा की खरीद हुई. यह पिछले पांच वर्षों में दर्ज की गई सबसे अधिक खरीद है. बैठक में इन फसलों की खरीद और वितरण को बढ़ावा देने के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था पर भी चर्चा की गई.
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