CG News: छत्तीसगढ़ के 12 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथ, प्रशासनिक नेतृत्व में मजबूत हुई नारी शक्ति
CG News: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था में महिला आईएएस अधिकारियों की भागीदारी को लेकर साय सरकार ने भरोसा जताया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 18 अगस्त को जारी प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब प्रदेश के कुल 12 जिलों की कमान महिला प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में आ गई है. इस तबादला सूची में कुल 24 आईएएस अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ, जिनमें कई जिलों के कलेक्टर भी बदले गए. इस बदलाव को महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

सरकार ने दिया नारी शक्ति का संदेश
महिला अधिकारियों को कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी देकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि महिलाएं प्रशासनिक नेतृत्व में भी पूरी क्षमता के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. 18 अगस्त की तबादला सूची में 2016 बैच की आईएएस अधिकारी जयश्री जैन को सक्ती जिले का कलेक्टर बनाया गया है. वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर तुलिका प्रजापति को कबीरधाम की जिम्मेदारी दी गई है. खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का कलेक्टर बनाया गया है.

12 जिलों की कमान महिलाओं के हाथ
छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में महिला कलेक्टरों की नियुक्ति हुई है. इनमें कोंडागांव में नूपुर राशि पन्ना, बेमेतरा में प्रतिष्ठा ममगई, नारायणपुर में नम्रता जैन, बालोद में दिव्या मिश्रा, सूरजपुर में रेना जमील और सक्ती में जयश्री जैन को जिम्मेदारी मिली है. इसके अलावा कबीरधाम में तुलिका प्रजापति, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में तनुजा सलाम, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पद्मिनी भोई साहू, बलरामपुर-रामानुजगंज में चंदन संजय त्रिपाठी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में संतंन देवी जांगड़े और कोरिया में रोक्तिमा यादव कलेक्टर हैं.
प्रशासनिक नेतृत्व में मजबूत होती नारी शक्ति
कलेक्टर जिले में सरकार की योजनाओं और नीतियों को जमीन पर उतारने वाली प्रशासनिक व्यवस्था की अहम कड़ी होते हैं. विकास कार्यों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, राजस्व और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कलेक्टर की भूमिका अहम होती है. छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 12 की कमान अब महिला आईएएस अधिकारियों के हाथों में है. यह आंकड़ा प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ नेतृत्व के स्तर पर उन पर बढ़ते भरोसे को भी दर्शाता है.
साय सरकार का महिला नेतृत्व पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें निर्णय लेने और नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है. जिलों की कमान महिला अधिकारियों को सौंपा जाना इसी सोच का प्रशासनिक विस्तार माना जा सकता है. महिला कलेक्टरों की बढ़ती मौजूदगी से छत्तीसगढ़ के जिला प्रशासन में नेतृत्व का स्वरूप भी बदल रहा है. प्रशासनिक फेरबदल में अधिकारियों की क्षमता, अनुभव और कार्यकुशलता को महत्व देने के साथ महिला अधिकारियों पर जताया गया भरोसा भी इस बदलाव का अहम पहलू है.
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