CG News: नक्सल मुक्त बीजापुर में विकास की नई तस्वीर, पुजारी कांकेर और कोण्डापल्ली बाजारों में लौटी रौनक
CG News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में अब विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। कभी नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में अब शांति और सामान्य जीवन तेजी से लौट रहा है।

चार दशक बाद फिर से शुरू हुए बाजार
उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर और कोण्डापल्ली में लगभग चार दशकों बाद साप्ताहिक हाट-बाजार फिर से शुरू हो गए हैं। वर्षों तक बंद रहने के बाद इन बाजारों में अब फिर से चहल-पहल दिखाई दे रही है।
अंधेरे से उजाले की ओर सफर
एक समय सुरक्षा कारणों से यहां व्यापार और आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई थी। लेकिन नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने के बाद अब ग्रामीण जीवन फिर से सामान्य होता दिख रहा है।
आदिवासी अर्थव्यवस्था को मिला सहारा
ये हाट-बाजार आदिवासी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। यहां ग्रामीण इमली, महुआ, तेंदू पत्ता जैसी वनोपज लेकर आते हैं और बदले में दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदते हैं, अब दूर-दराज के गांवों से लोग इन बाजारों में पहुंच रहे हैं। महिलाएं वनोपज बेच रही हैं, जबकि छोटे व्यापारी आवश्यक सामान लेकर बाजारों में पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम
बाजारों के पुनः शुरू होने से ग्रामीणों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ रहा है। इससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है और आय के नए अवसर भी बन रहे हैं, शांति और सुरक्षा के माहौल में बीजापुर अब विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता का नया उदाहरण बन रहा है। साप्ताहिक बाजारों की वापसी इस बदलाव की सबसे बड़ी पहचान है।



