CG News: औराटोला बना बालोद का पहला लखपति ग्राम, महिलाओं की आय से बनाया नया इतिहास
CG News: बालोद जिले के डौंडी विकासखंड का औराटोला गाँव अब राज्य में पहला लखपति ग्राम बन चुका है। यहाँ की महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत स्व-सहायता समूह (SHG) से जुड़ी विभिन्न आजीविका गतिविधियों के जरिए अपने परिवार की आय 1 लाख रुपए या उससे अधिक तक पहुंचा रही हैं।

बहुआयामी आय के स्त्रोत
यह सफलता सिर्फ एक आय स्रोत पर निर्भर नहीं है। महिलाओं ने कई क्षेत्रों में अपने कौशल और मेहनत से आय के स्त्रोत बढ़ाए हैं:
• उन्नत कृषि: बेमौसमी सब्जियाँ, नकदी फसलें, जैविक खेती
• पशुपालन: डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन
• गैर-कृषि उद्यम: मशरूम उत्पादन, सिलाई, छोटे उद्योग
• कौशल विकास: पीएम कौशल विकास योजना के तहत तकनीकी प्रशिक्षण

वित्तीय सहायता और बाजार सहयोग
• 4054 SHG समूहों को कुल 114 करोड़ रुपये का बैंक ऋण मिला।
• 801 SHG को वूमेन लेड इंटरप्राइज फाइनेंस के तहत 10 करोड़ रुपये प्रदान किए गए।
• समूहों के उत्पाद अब स्थानीय मेलों, बाजार और सरकारी कार्यालयों में विक्रय किए जा रहे हैं।
महिलाओं की प्रेरक कहानियाँ
• कुमेश्वरी मसिया: मत्स्य पालन और सब्जी बाड़ी से 1,17,000 रुपए वार्षिक आय।
• लाकेश्वरी दीदी: फाइल पैड उत्पादन से 7–8 हजार रुपए मासिक आय।
• लोकेश्वरी साहू: जर्सी गाय पालन, सिलाई और मशरूम उत्पादन से 2,60,000 रुपए सालाना।
लखपति ग्राम का महत्व
औराटोला का नाम सिर्फ आर्थिक सफलता के लिए नहीं, बल्कि सशक्त महिलाओं और ग्रामीण आत्मविश्वास के प्रतीक के रूप में जाना जाएगा। राज्य स्तर पर तकनीकी सत्यापन के बाद इसे औपचारिक रूप से लखपति ग्राम घोषित किया जाएगा, औराटोला की सफलता पूरे छत्तीसगढ़ के अन्य गाँवों के लिए रोल मॉडल बन चुकी है। अन्य गाँव की महिलाएं इसे देखने और सीखने के लिए दौरा कर रही हैं, ताकि अपने गांव में भी इसी मॉडल को अपनाया जा सके।

