CG News: संघर्ष और परिवर्तन की मिसाल, मनकू कड़ती की प्रेरक कहानी
CG News: बीजापुर जिले के चेरली गांव में जन्मे मनकू कड़ती का बचपन गरीबी, असुरक्षा और सीमित संसाधनों में बीता। उनके पिता के जेल जाने से परिवार की परिस्थितियाँ और भी कठिन हो गईं।

आत्मचिंतन और निर्णायक मोड़
कठिन परिस्थितियों के प्रभाव में मनकू गलत रास्ते की ओर बढ़ने लगे। हिंसा और भय के रास्ते पर चलने का विकल्प उन्हें पहचान और सुरक्षा दिला सकता था, लेकिन भीतर लगातार द्वंद्व चलता रहा, समय के साथ मनकू ने महसूस किया कि हिंसा उन्हें अंधकार की ओर ले जा रही है। उन्होंने ठान लिया कि अब वे अपनी दिशा बदलेंगे और नई शुरुआत करेंगे।
आत्मसमर्पण और प्रशिक्षण
अप्रैल 2025 में मनकू ने साहसिक कदम उठाते हुए आत्मसमर्पण किया। पुनर्वास प्रक्रिया में उन्होंने ट्रैक्टर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया, जहां अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास का विकास हुआ, आज मनकू कड़ती आत्मनिर्भर बन चुके हैं और समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। उनके जीवन की यह नई शुरुआत यह साबित करती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।

