CG News: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: जनजातीय खिलाड़ियों ने दिखाई राष्ट्रीय स्तर की क्षमता
CG News: छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 ने देशभर के जनजातीय खिलाड़ियों को एक साझा मंच प्रदान किया। इस बहु-खेल प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3800 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती जैसी खेल विधाएँ शामिल थीं, जबकि मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल प्रदर्शन खेल के रूप में आयोजित किए गए।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय तैयारी
भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की तैयारी कर रहा है। इस खेल ने जनजातीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाने का अवसर प्रदान किया। प्रतियोगिताएँ रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में आयोजित की गईं।
प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ
• मणिकांता एल (तैराक, कर्नाटक) – 8 स्वर्ण और 1 रजत पदक।
• अंजलि मुंडा (15 वर्ष, तैराक) – 5 स्वर्ण पदक।
• कोमालिका बारी (तीरंदाज) – व्यक्तिगत और मिक्स्ड टीम रिकर्व में स्वर्ण, महिला टीम में रजत।
• किरण पिस्दा (फुटबॉल, छत्तीसगढ़) – टीम की कप्तान, सेमीफाइनल में गोलकीपर की भूमिका, स्वर्ण पदक।
• बाबूलाल हेम्ब्रम (वेटलिफ्टर, झारखंड) – रजत पदक।
• शिव कुमार सोरेन (स्प्रिंटर) – 100 मीटर और 200 मीटर में स्वर्ण पदक।
• झिल्ली दलाबेहरा (वेटलिफ्टर, ओडिशा) – 53 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण।
• भार्गवी भगोरा (तीरंदाज, गुजरात) – व्यक्तिगत फाइनल में कोमालिका से हार, अंतरराष्ट्रीय चयन ट्रायल के लिए मजबूत प्रदर्शन।
भविष्य की संभावनाएँ
इन खेलों ने यह साबित किया कि देश की जनजातीय प्रतिभाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता मौजूद है। युवा खिलाड़ी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का नाम रोशन कर सकते हैं।
