CG News: संघर्ष से स्वर्ण तक: जम्मू-कश्मीर के हमाम हुसैन की प्रेरणादायक कहानी
CG News: जम्मू-कश्मीर के जोरावर गांव के रहने वाले हमाम हुसैन परिवार का गुजारा चलाने के लिए अपने भाई के साथ घर-घर दूध पहुंचाते हैं। पिता के निधन के बाद उन्होंने जिम्मेदारियों के साथ अपने कुश्ती के सपने को भी जिंदा रखा।

कठिन हालात में भी जारी रखा अभ्यास
हमाम सीमित संसाधनों के बावजूद 20 किमी दूर मिट्टी के अखाड़े में अभ्यास करते हैं और मैट ट्रेनिंग के लिए 40 किमी दूर जम्मू तक का सफर तय करते हैं, हमाम के पास व्यक्तिगत कोच नहीं है और गांव में सीमित सुविधाएं हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की।
भाई बना सबसे बड़ा सहारा
हमाम के बड़े भाई ने खुद कुश्ती छोड़कर परिवार की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन हमाम को लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे और दंगलों में हिस्सा दिलाया।
खेलो इंडिया में चमका प्रदर्शन
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में हमाम ने पुरुषों के 79 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह उनके 14 साल के करियर का पहला राष्ट्रीय गोल्ड है।
संघर्ष की जीत और नई उम्मीद
यह स्वर्ण पदक हमाम के वर्षों के संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। उनका मानना है कि अगर गांवों में बेहतर सुविधाएं मिलें, तो कई और खिलाड़ी देश के लिए पदक जीत सकते हैं।




