CG News: संघर्ष से सफलता तक: झारखंड के वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम बना रहे अपनी पहचान
CG News: झारखंड के रामगढ़ जिले के छोटे से गांव केरिबांदा से आने वाले बाबूलाल हेम्ब्रम ने कठिन हालात में भी अपने सपनों को जिंदा रखा। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने खेल के प्रति अपना जुनून नहीं छोड़ा।
![]()
बांस और लोहे से शुरू किया अभ्यास
शुरुआत में संसाधनों की कमी के चलते बाबूलाल ने निर्माण स्थलों पर बांस और लोहे की रॉड से अभ्यास किया। बाद में उन्हें झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी में प्रशिक्षण का मौका मिला, जहां तक पहुंचने के लिए वे रोज 60 किलोमीटर का सफर तय करते थे।
परिवार की चुनौतियों के बीच मेहनत
पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे बाबूलाल के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर रही। उनकी मां स्कूल में रसोइया हैं, जबकि पिता छोटे-मोटे काम करते हैं। बावजूद इसके, परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान
बाबूलाल ने 2024 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की। इसके अलावा उन्होंने विश्व और एशियाई स्तर की प्रतियोगिताओं में भी पदक हासिल किए हैं, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में बाबूलाल ने पुरुष 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर अपनी मेहनत का लोहा मनवाया और एक बार फिर खुद को साबित किया।
अब सीनियर सर्किट पर नजर
फिलहाल बाबूलाल राष्ट्रीय शिविर में प्रशिक्षण ले रहे हैं और अब उनका लक्ष्य सीनियर स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है, बाबूलाल का सपना है कि वे कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारत के लिए पदक जीतें और अपने परिवार व देश का नाम रोशन करें।
