CG News: छत्तीसगढ़ में ‘बाल मैत्री’ पहल, आंगनबाड़ी से स्कूल तक बच्चों के सफर को बना रहा आसान
CG News: छत्तीसगढ़ में बच्चों के समग्र विकास और सहज शिक्षा के लिए “बाल मैत्री” कार्यक्रम एक नई पहल के रूप में सामने आया है, यह योजना आंगनबाड़ी से प्राथमिक विद्यालय तक बच्चों के संक्रमण को सरल और आत्मविश्वास से भरपूर बना रही है.
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क्यों जरूरी है यह पहल
जीवन के शुरुआती छह वर्ष बच्चों के मानसिक और व्यक्तित्व विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, आंगनबाड़ी से स्कूल जाने के दौरान बच्चों में झिझक और डर को दूर करने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है.

बच्चों को हर माह विद्यालय भ्रमण
इस योजना के तहत 4 से 6 वर्ष के बच्चों को हर माह नजदीकी प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण कराया जा रहा है, यहां उन्हें खेल, गीत, चित्रकला और समूह गतिविधियों के जरिए स्कूल के माहौल से परिचित कराया जाता है.

बच्चों में बढ़ रहा आत्मविश्वास
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चे स्कूल, शिक्षक और नए दोस्तों से सहज रूप से जुड़ रहे हैं, इससे उनके मन में स्कूल के प्रति सकारात्मक भावना विकसित हो रही है और वे बिना डर के प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं, 20 मार्च को प्रदेशभर में आंगनबाड़ी बच्चों का सामूहिक स्कूल भ्रमण कराया गया, इस दौरान विद्यालयों में उत्साहपूर्ण माहौल रहा और बच्चों का आत्मीय स्वागत किया गया.
केंद्र के निर्देशों पर पहल
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप शुरू किया गया है, जिसमें आंगनबाड़ी और स्कूलों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया था, “बाल मैत्री” कार्यक्रम बच्चों के भावनात्मक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा दे रहा है, यह पहल छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रही है, आने वाले समय में यह कार्यक्रम बच्चों की नियमित उपस्थिति, सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा, जिससे शिक्षा का स्तर बेहतर होगा.




