CG News: छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026: धर्मांतरण पर सख्ती, कैबिनेट ने दी मंजूरी,
CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के मसौदे को मंजूरी दी गई है, सरकार का कहना है कि, इस कानून का उद्देश्य अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाना और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करना है.

धर्मांतरण के लिए अनिवार्य होगी पूर्व सूचना
प्रस्तावित कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे पहले जिला मजिस्ट्रेट या संबंधित प्राधिकारी को सूचना देनी होगी, इसके बाद इस जानकारी को सार्वजनिक किया जाएगा और 30 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का प्रावधान रखा गया है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.
अवैध धर्मांतरण पर सख्त सजा का प्रावधान
इस विधेयक में बल, प्रलोभन, दबाव, झूठी जानकारी या धोखे से धर्म परिवर्तन कराना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे मामलों में 7 से 10 साल तक की जेल और न्यूनतम 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। यदि पीड़ित महिला, नाबालिग या अनुसूचित वर्ग से हो, तो सजा 20 साल तक बढ़ सकती है।
सामूहिक धर्मांतरण पर और कड़ी कार्रवाई
विधेयक में सामूहिक धर्मांतरण को गंभीर अपराध माना गया है। ऐसे मामलों में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और कम से कम 25 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, डिजिटल माध्यम से धर्मांतरण को भी कानून के दायरे में शामिल किया गया है।
संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे अपराध
इस कानून के तहत दर्ज सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे। मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय में की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह कानून किसी की धार्मिक स्वतंत्रता छीनने के लिए नहीं, बल्कि अवैध और जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए लाया जा रहा है।



