CG News: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास को नई गति 10 हजार 617 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित
CG News: छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विभागों से संबंधित 10 हजार 617 करोड़ 73 लाख 49 हजार रुपए की अनुदान मांगें विधानसभा में पारित की गईं। यह निर्णय राज्य को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार संकल्पित भाव से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटी है और बजट का प्रत्येक रुपया जनता के कल्याण के लिए समर्पित है।
पारदर्शी शासन और मजबूत बजट प्रबंधन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत किया है। व्यवस्थागत लिकेज समाप्त होने से अब आम जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सीधे जनकल्याणकारी योजनाओं में खर्च हो रहा है।उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जहां पहले आबकारी राजस्व 5 हजार 110 करोड़ रुपए था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 11 हजार करोड़ रुपए अनुमानित है। यह वृद्धि सरकार की पारदर्शिता और सख्त प्रशासनिक नियंत्रण का परिणाम है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई रोशनी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान चलाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश माओवादी हिंसा से बाहर निकल रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की किरण पहुंच रही है। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत 158 गांवों का पूर्ण विद्युतीकरण किया जा चुका है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की बढ़ती संख्या लोकतंत्र की बड़ी जीत का प्रतीक है।
खनिज संपदा से जनकल्याण की ओर
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि खनिज राजस्व वर्ष 2024-25 में बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ रुपए हो गया है और 2025-26 में 17 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग किसानों, माताओं-बहनों और आम नागरिकों के कल्याण में किया जा रहा है। डीएमएफ को पारदर्शी बनाते हुए 4 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि प्राप्त हुई और 19 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए। सरकार ने स्पष्ट किया कि खनन कार्य केवल 0.24 प्रतिशत वन क्षेत्र में ही संचालित हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने हेतु ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगभग 7 करोड़ पौधे लगाए गए।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा प्रदाता के रूप में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। प्रदेश की कुल विद्युत क्षमता 30 हजार मेगावाट है।बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक निःशुल्क बिजली, 42 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, किसानों को विद्युत सब्सिडी और सोलर ऊर्जा को प्रोत्साहन—ये सभी कदम सरकार की जनहितकारी सोच को दर्शाते हैं।
दो वर्षों में 11 हजार 107 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार ने 25 हजार हेक्टेयर नई सिंचाई क्षमता का सृजन किया है। 115 परियोजनाओं के पूर्ण होने से 76 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ के सिद्धांत पर दाबयुक्त सिंचाई प्रणाली अपनाई जा रही है। बस्तर क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर बैराज एवं नहर निर्माण से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा।
डिजिटल और प्रशासनिक सुधारों की नई संस्कृति
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मंत्रालय से लेकर मैदानी अमले तक कार्य संस्कृति में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस, ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस जैसी व्यवस्थाओं ने शासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया है। 50 हजार से अधिक अधिकारी ई-ऑफिस में और 65 हजार कर्मचारी ई-एचआरएमएस से जुड़ चुके हैं। आई-गॉट कर्मयोगी के माध्यम से 6 लाख कर्मचारियों के प्रशिक्षण की योजना पर कार्य जारी है।
आईटी और एआई से युवा सशक्तिकरण
आज के युग में आईटी और एआई को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने 417 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री एआई मिशन के तहत 100 करोड़ रुपए से एआई लैब्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। 936 मोबाइल टावर स्वीकृत हुए, जिनमें से 751 चालू हो चुके हैं। भारत नेट परियोजना के तहत ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है।
विमानन और अधोसंरचना में विस्तार
रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। बिलासपुर एयरपोर्ट के 3सी-आईएफआर अपग्रेडेशन से 24 घंटे उड़ान संचालन संभव होगा। सीजी वायु योजना के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक और सामाजिक समृद्धि की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा कि विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक भी होना चाहिए। रायपुर साहित्य उत्सव और प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन जैसी पहलें प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा दे रही हैं।
संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की नई इबारत लिख रहा है। मजबूत बजट प्रबंधन, पारदर्शी प्रशासन, किसानों के लिए सिंचाई विस्तार, ऊर्जा आत्मनिर्भरता, डिजिटल क्रांति और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रोशनी—ये सभी कदम एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में निर्णायक साबित हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ अब संकल्प से सिद्धि की ओर दृढ़ता से अग्रसर है।




