CG News: अनुसूचित जाति विकास के लिए 12,970 करोड़ का बजट पारित, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताई सरकार की प्राथमिकताएं
CG News: अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के विभाग के लिए 12 हजार 970 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें आज विधानसभा में पारित कर दी गईं, वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े अनुसूचित जाति वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, उन्होंने बताया कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार संत गुरु घासीदास के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश पर कार्य कर रही है.
बजट में हुई उल्लेखनीय वृद्धि
मंत्री ने जानकारी दी कि, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 7 करोड़ 15 लाख 39 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 565 करोड़ 89 लाख 8 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है, इस प्रकार कुल 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है.
उपयोजना में बड़ा समेकित प्रावधान
गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि, राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपये का समेकित प्रावधान किया गया है, यह राशि विकास और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाएगी, जिससे व्यापक स्तर पर लाभ पहुंचेगा.
नई योजनाओं पर विशेष फोकस
बजट में नई योजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है, इनमें मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के साथ अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन हेतु 2 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपये का प्रावधान शामिल है, इसके अलावा पारंपरिक चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी आजीविका मजबूत हो सके.
धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास
मंत्री ने बताया कि सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किया गया है, गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट, सतनाम मार्ग के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए कुल 2.50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.
विकास प्राधिकरण को बढ़ी राशि
सरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपये की वृद्धि कर इसे 75 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है, मंत्री ने कहा कि सामाजिक समरसता के मूल मंत्र “मनखे-मनखे एक समान” को आधार बनाकर सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी.




