CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गौधाम योजना का किया शुभारंभ, पशुओं के संरक्षण और संवर्धन को मिलेगा बढ़ावा
CG News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के लाखासार गांव से गौधाम योजना का शुभारंभ किया, इस अवसर पर कांकेर के कृषि विज्ञान केन्द्र में भी वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया गया.

गौसेवा के लिए महत्वपूर्ण पहल
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सोनसाय साहू, अध्यक्ष जिला स्तरीय समिति छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग ने कहा कि गौधाम योजना गौ-सेवा के क्षेत्र में एक महत्वाकांक्षी और कल्याणकारी पहल है, इसके माध्यम से घुमंतू पशुओं का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा, उन्होंने बताया कि गौधाम का संचालन पंजीकृत एनजीओ और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा सकता है, इसके लिए गांवों में उपलब्ध सर्वसुविधायुक्त गौठान का उपयोग किया जाएगा, जहां बिजली, पानी, फेंसिंग और पर्याप्त जगह जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों.
सेवाभाव जरूरी, सरकार देगी अनुदान
सोनसाय साहू ने कहा कि गौधाम का सफल संचालन करने के लिए सेवाभाव होना बहुत जरूरी है, सरकार अनुदान के रूप में सहयोग दे सकती है, लेकिन पशुओं की बेहतर सेवा तभी संभव है जब संचालन करने वाले लोग समर्पित हों.

गौधाम संचालन के लिए आवेदन प्रक्रिया
पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डॉ. सत्यम मित्रा ने बताया कि गौधाम संचालन के लिए 8 अक्टूबर 2025 तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें 33 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन दस्तावेज अधूरे होने के कारण सभी निरस्त कर दिए गए, इसके बाद 26 फरवरी 2026 से 12 मार्च 2026 तक दोबारा आवेदन आमंत्रित किए गए, जिसमें एक आवेदन प्राप्त हुआ है और वह प्रक्रियाधीन है.
जिले में 15 गौठानों का चयन
उन्होंने बताया कि जिले में आधारभूत संरचना वाले 15 गौठानों का चयन गौधाम के रूप में किया गया है, यहां पशुओं की देखरेख के लिए चरवाहा नियुक्त किया जाएगा, जिसे प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा.
पशु देखभाल के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति
गौधाम में पशुओं की देखभाल और चिकित्सा के लिए गौसेवक, मैत्री या निजी कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता में से किसी एक को नियुक्त किया जाएगा, उन्हें प्रतिमाह 13 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा, कार्यक्रम में अखिलेश चन्द्रौल, राजा साहू, डॉ. शालिकराम चन्द्राकर, डॉ. बिरबल साहू सहित कृषि विज्ञान केंद्र और पशुधन विकास विभाग के अधिकारी, पशुपालक किसान तथा एनजीओ के सदस्य मौजूद रहे.



