CG News: बस्तर के बाद सरगुजा ओलंपिक बना खेल प्रतिभाओं का बड़ा मंच, लाखों युवा जुड़कर रच रहे नया इतिहास
CG News: अपनी समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और आदिवासी परंपराओं के लिए पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब खेलों के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है, बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक 2025-26 उत्तर छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आगे लाने का बड़ा मंच बनकर सामने आया है, यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का अभियान बन चुका है.

बढ़ रहा खेलों का दायरा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने की दिशा में काम कर रही है, उनका मानना है कि, खेल न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाते हैं बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और आत्मविश्वास जैसे जीवन मूल्यों को भी विकसित करते हैं.
3.5 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन
सरगुजा ओलंपिक में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, यह संख्या इस आयोजन की लोकप्रियता और युवाओं में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती है, मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया है कि, बस्तर ओलंपिक की तरह सरगुजा ओलंपिक भी खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा.

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
इस आयोजन की खास बात यह है कि, इसमें महिलाओं की भागीदारी काफी अधिक है, लगभग 1 लाख 89 हजार महिला खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जबकि पुरुष खिलाड़ियों की संख्या करीब 1 लाख 59 हजार है, यह आंकड़ा ग्रामीण और आदिवासी समाज में महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और सामाजिक बदलाव का संकेत देता है.
12 खेल विधाओं में प्रतियोगिता
सरगुजा ओलंपिक में कुल 12 खेल विधाओं को शामिल किया गया है, इनमें कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती और रस्साकसी जैसे खेल प्रमुख हैं, पारंपरिक और आधुनिक खेलों के इस संतुलन से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिल रहा है.

“गजरु” शुभंकर बना आकर्षण का केंद्र
सरगुजा ओलंपिक का शुभंकर “गजरु” हाथी की आकृति पर आधारित है, जो शक्ति, धैर्य और एकता का प्रतीक है, आयोजन के लोगो में मैनपाट के प्रसिद्ध टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता और खेलों की ऊर्जा को दर्शाता है.
तीन चरणों में हो रही प्रतियोगिताएं
सरगुजा ओलंपिक का आयोजन तीन स्तरों पर किया जा रहा है,
• विकासखंड स्तर
• जिला स्तर
• संभाग स्तर
इस संरचना से गांव-गांव के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है.
खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच
सरकार ने घोषणा की है कि, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य की खेल अकादमियों में प्रवेश दिया जाएगा, साथ ही उन्हें यूथ आइकॉन के रूप में भी पहचान दी जाएगी ताकि वे अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकें.
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी
छत्तीसगढ़ को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली है, 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक रायपुर, बस्तर और सरगुजा में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स आयोजित किए जाएंगे, इसमें देशभर के आदिवासी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे.
खेलों से बदल रही ग्रामीण तस्वीर
सरगुजा ओलंपिक के कारण हजारों युवा खेलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और नशे तथा नकारात्मक गतिविधियों से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, यह आयोजन छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं की प्रतिभा को पहचान दिलाने का एक बड़ा आंदोलन बन चुका है.




