CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ, राज्य में 1460 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण के लिए एक बड़ी पहल करने जा रही है, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार से “गौधाम योजना” का औपचारिक शुभारंभ करेंगे, इस कार्यक्रम में कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम और छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे.
29 गौधामों का होगा उद्घाटन
इस योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 29 गौधामों का उद्घाटन किया जाएगा, मुख्यमंत्री बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से योजना की शुरुआत करेंगे, इसके साथ ही अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा.

1460 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य
सरकार ने इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है, इस प्रकार पूरे प्रदेश में कुल 1460 गौधाम बनाए जाएंगे, इन गौधामों में गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
गौधामों में मिलेगी आधुनिक सुविधाएं
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में 36 गौधामों को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में किया जा चुका है, योजना का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जब्त किए गए गौवंश का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है.

समितियां और संस्थाएं करेंगी संचालन
गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा, इन संस्थाओं को संचालन के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी.
पशुओं के पोषण के लिए वित्तीय सहायता
राज्य सरकार गौवंश के पोषण के लिए चरणबद्ध आर्थिक सहायता देगी,
• पहले वर्ष: 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु
• दूसरे वर्ष: 20 रुपये प्रतिदिन
• तीसरे वर्ष: 30 रुपये प्रतिदिन
• चौथे वर्ष से: 35 रुपये प्रतिदिन
चारा विकास और अधोसंरचना के लिए सहायता
गौधामों में चारा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये प्रतिवर्ष की सहायता का प्रावधान है, इसके अलावा अधोसंरचना निर्माण और मरम्मत के लिए हर वर्ष 5 लाख रुपये दिए जाएंगे.
गौसेवकों को मिलेगा मानदेय
योजना के तहत चरवाहों को 10,916 रुपये और गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा, प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश रखने की व्यवस्था होगी, सरकार का मानना है कि, इस योजना से गांवों और सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या कम होगी और गौवंश संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी.




