CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और पिछड़ा वर्ग के लिए 6976 करोड़ का बजट पारित किया
CG News: विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6976 करोड़ 54 लाख रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित हुई,
मंत्री ने कहा कि, राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं संकल्प पर आधारित होंगी, इसमें एस-सशक्त संस्थान, ए-उत्कृष्ट अकादमिक, एन-नवोन्मेषी अनुसंधान, के-कौशल एवं क्लीनिकल दक्षता, ए-आधुनिक चिकित्सा सुविधा, एल-जीवन रक्षक अधोसंरचना और पी-पारदर्शी प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी शामिल हैं.
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नए स्वास्थ्य और चिकित्सा केंद्रों की स्थापना
मंत्री ने बताया कि, रायपुर में मध्य भारत की सबसे आधुनिक इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इस प्रयोगशाला के शुरू होने से राज्य को दिल्ली जैसे महानगरों पर निर्भरता खत्म होगी और छत्तीसगढ़ तथा सीमावर्ती राज्यों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं मिलेंगी, इसके अलावा प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज योजना शुरू की जाएगी, जिसका बजट 100 करोड़ रूपए रखा गया है.
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गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
सरकार का उद्देश्य है कि, प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ रहे, दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, रायपुर में पहला होम्योपैथी कॉलेज और बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, जिससे प्रदेश में अत्याधुनिक उपचार सुविधा उपलब्ध हो सके, साथ ही पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के समग्र विकास के लिए 251 करोड़ 68 लाख 38 हजार रुपये का बजट प्रावधान किया गया है.
विपक्ष की आलोचना: आयुष्मान योजना में खामियां
विपक्ष के विधायकों ने स्वास्थ्य व्यवस्था में खामियों की ओर ध्यान दिलाया, विधायक संगीता सिन्हा, रामुकुमार यादव, व्यास कश्यप, दलेश्वर साहू और कुंवर निषाद ने कहा कि, सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना का फर्जीवाड़ा हो रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक केंद्रों में डॉक्टर और स्टाफ की भारी कमी है, लोगों को इलाज के लिए शहर की ओर जाना पड़ता है, एंबुलेंस की कमी के कारण मरीजों की जान जोखिम में है, प्राइवेट अस्पतालों में भी आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुविधा ठीक से नहीं मिल रही है.



