CG News: PM रोजगार सृजन योजना से प्रियंका बनीं आत्मनिर्भर, खोला कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर
CG News: डिजिटल युग में कम्प्यूटर शिक्षा युवाओं के लिए बेहतर भविष्य की कुंजी बन गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में करियर के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड के पंडरीपानी गांव की युवती प्रियंका मंडल ने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आत्मनिर्भर बनने का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से मिला सहारा
प्रियंका ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना का लाभ लेकर अपना कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर शुरू किया। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से योजना की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक पंडरीपानी शाखा से 20 जून 2025 को उन्हें 7 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिससे उन्होंने अपना सपना साकार किया।
ग्रामीण बच्चों के लिए खोला कोचिंग सेंटर
प्रियंका ने देखा कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों के कई बच्चे कम्प्यूटर सीखना चाहते हैं, लेकिन शहरों तक आने-जाने में होने वाली परेशानी और अधिक खर्च के कारण वे इससे वंचित रह जाते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अपने गांव में ही कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर शुरू किया।
9 महीनों में कई युवाओं को मिला प्रशिक्षण
प्रियंका के अनुसार, उनके कम्प्यूटर कोचिंग सेंटर को शुरू हुए लगभग 9 महीने हो चुके हैं। इस दौरान उनके सेंटर से करीब 20 विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक कम्प्यूटर प्रशिक्षण मिल चुका है। इसके साथ ही उन्होंने अपने संस्थान के माध्यम से तीन युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
युवाओं को दिया कौशल विकास का संदेश
प्रियंका मंडल का कहना है कि आज के समय में स्नातक युवाओं को मजबूत सॉफ्टवेयर कौशल विकसित करना चाहिए। साथ ही ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से नए ज्ञान को सीखना, नवीनतम तकनीकी रुझानों से अवगत रहना और कार्यशालाओं व सेमिनारों में भाग लेना जरूरी है, जिससे वे अपने क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
प्रियंका मंडल की यह पहल न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि बस्तर के ग्रामीण युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सही दिशा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, तो युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।


