CG News: मोबाइल टावर योजना को मंजूरी: साय सरकार का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में लगेंगे 5000 टावर
CG News: छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और मोबाइल नेटवर्क से वंचित क्षेत्रों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिपरिषद ने ‘मोबाइल टावर योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य उन गांवों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना है, जहां अब तक सिग्नल की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सरकार का मानना है कि मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी से विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
भौगोलिक चुनौतियों के कारण नेटवर्क की कमी
छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में घने जंगल, पहाड़ी इलाके और नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण वर्षों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। कई गांव ऐसे हैं, जहां लोगों को मोबाइल सिग्नल पाने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर मोबाइल टावर स्थापित करने का निर्णय लिया है।
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5000 से ज्यादा टावर लगाने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में ‘मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना’ को शामिल किया है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से 5 हजार से अधिक मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। इन टावरों के माध्यम से 4G नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा और भविष्य में 5G सेवाओं के लिए भी आधार तैयार किया जाएगा।
बस्तर संभाग के जिलों को मिलेगा बड़ा लाभ
बस्तर संभाग के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे जिलों में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या रही है। इन जिलों के कई गांव ऐसे हैं जहां मोबाइल सिग्नल लगभग नहीं के बराबर है। नई योजना लागू होने के बाद इन क्षेत्रों के लोगों को पहली बार स्थिर मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिल सकेगी।

केंद्र सरकार का भी मिल रहा सहयोग
डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार का भी सहयोग मिल रहा है। डिजिटल इंडिया फंड के तहत छत्तीसगढ़ में 513 नए 4G मोबाइल टावरों की स्वीकृति दी गई है। इन टावरों का मुख्य फोकस वामपंथी उग्रवाद प्रभावित और दुर्गम गांवों पर है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा को मिलेगा लाभ
मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। किसान मोबाइल के जरिए मंडी भाव देख सकेंगे और अपनी फसल की बेहतर कीमत तय कर पाएंगे। छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी, जबकि डिजिटल भुगतान से ग्रामीण बाजारों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था मजबूत होने से सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बेहतर होगा। प्रशासनिक संवाद भी तेज और प्रभावी होगा। साथ ही आपातकालीन सेवाओं जैसे डायल-112 की पहुंच भी ग्रामीण क्षेत्रों तक मजबूत होगी।
डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता कदम
मोबाइल टावर योजना को राज्य के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। जिन दूरस्थ और आदिवासी गांवों में अब तक मोबाइल सिग्नल नहीं पहुंचता था, वहां अब डिजिटल सेवाओं का विस्तार शुरू होगा। सरकार का मानना है कि मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं को नई दिशा देगी।



