CG News: CM विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास और सांस्कृतिक गौरव को नई दिशा
CG News: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकास को व्यापक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया गया है। बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को भी महत्व दिया गया। राजिम मेले को “राजिम कुंभ (कल्प)” के रूप में नया स्वरूप देकर उसकी ऐतिहासिक गरिमा को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया, जिससे आस्था, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
विकास की समग्र सोच
साय सरकार ने यह स्पष्ट किया कि राज्य की प्रगति केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं हो सकती। सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का संरक्षण भी विकास का अहम हिस्सा है। इसी सोच के तहत गांवों और आदिवासी अंचलों में पारंपरिक मेलों और धार्मिक आयोजनों को प्रोत्साहन दिया गया। सरकार का मानना है कि जब संस्कृति मजबूत होती है, तो समाज में आत्मविश्वास और एकता भी बढ़ती है।
राजिम कुंभ (कल्प) को मिला नया स्वरूप
छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र राजिम में त्रिवेणी संगम पर आयोजित होने वाला मेला लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस आयोजन को अधिक सुव्यवस्थित और भव्य स्वरूप दिया गया। बेहतर प्रबंधन, व्यापक भागीदारी और संत समाज के सहयोग से आयोजन की प्रतिष्ठा को नए स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया गया। इससे राजिम की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हुई।
व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार
आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल, आवास और यातायात जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समुचित इंतजाम किए गए, जिससे बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल हो सके।
साथ ही विभिन्न विभागों ने योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए। कृषि, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी सीधे आम लोगों तक पहुंचाई गई। पात्र लोगों को मौके पर ही मार्गदर्शन और पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
राजिम कुंभ (कल्प) के आयोजन से स्थानीय व्यापार और पर्यटन को गति मिली। अस्थायी दुकानों, भोजनालयों, परिवहन सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों को आय का अवसर मिला। महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने का मंच मिला। लोक कलाकारों को प्रस्तुति का अवसर मिलने से सांस्कृतिक विरासत को भी प्रोत्साहन मिला।
संतुलित विकास का संदेश
इस आयोजन ने यह दर्शाया कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल परंपरा का निर्वहन नहीं होते, बल्कि सामाजिक संवाद और आर्थिक गतिविधियों के प्रभावी माध्यम भी बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास और सांस्कृतिक चेतना का संतुलित मॉडल उभरकर सामने आया है, जिसमें परंपरा, आस्था और आधुनिक विकास एक साथ आगे बढ़ते दिखाई देते है|


