CG News: PM आवास योजना पर आरोपों की खुली पोल, जांच में अधिकांश दावे निकले भ्रामक
CG News: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर प्रकाशित खबर के बाद प्रशासनिक जांच में अधिकांश आरोप भ्रामक पाए गए। बागबाहरा में भुगतान नियमानुसार बताया गया, निर्माण प्रगति पर है। मनरेगा भुगतान में भी गड़बड़ी नहीं मिली। प्रशासन ने योजना में पारदर्शिता और जियो-टैगिंग मॉनिटरिंग की प्रक्रिया दोहराई।
जांच में खबर के कई दावे भ्रामक पाए गए
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर प्रशासन ने जिला स्तरीय टीम से भौतिक सत्यापन कराया। जांच में सामने आया कि कई तथ्य अपूर्ण जानकारी पर आधारित थे। उपायुक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने स्पष्ट किया कि अधिकांश मामलों में भुगतान नियमानुसार किया गया है और निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार प्रगति पर है। प्रशासन ने कहा कि योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन भुगतान और जियो-टैगिंग प्रणाली लागू है।
किश्तें निर्माण अनुसार जारी
जांच रिपोर्ट के अनुसार जनपद पंचायत बागबाहरा में योजना शुरू होने से अब तक 22,910 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें 19,411 पूर्ण हो चुके हैं और 3,499 निर्माणाधीन हैं। किश्तें निर्माण की प्रगति के आधार पर जारी की जा रही हैं। ग्राम तुहामेटा में हितग्राही को दो किश्तों में एक लाख रुपए दिए जा चुके हैं और छत ढलाई पूरी है। ग्राम अडगड़ी और जाड़ापदर में भी भुगतान और निर्माण स्थिति नियमानुसार पाई गई। फर्जी भुगतान के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
मनरेगा और सामूहिक गृह प्रवेश पर भी प्रशासन का स्पष्टीकरण
गरियाबंद जिला के मैनपुर जनपद में सामूहिक गृह प्रवेश को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि जिन आवासों को पूर्ण दिखाया गया, वे विभिन्न स्तरों पर मानकों के अनुरूप पाए गए। फिंगेश्वर ब्लॉक के लफंदी गांव में मनरेगा मजदूरी में कथित 4 लाख रुपए की गड़बड़ी की शिकायत भी गलत निकली। प्रशासन ने दोहराया कि भुगतान सीधे हितग्राहियों के खातों में होता है और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जाती है।


