CG News: रायपुर में ऑयल पाम की खेती, किसानों के लिए आय का नया अवसर
CG News: रायपुर जिले के किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खाद्य विविधता और आत्मनिर्भर तिलहन उत्पादन के संकल्प को पूरा करने के लिए ऑयल पाम की खेती कर रहे हैं, केंद्र सरकार की “नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल पाम” योजना के तहत जिले में यह खेती पहली बार शुरू हुई है, वर्ष 2025-26 से प्रभावी क्रियान्वयन के साथ किसानों ने अब तक 100 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में ऑयल पाम रोपित किया है.

दीर्घकालिक आय के अवसर
विशेष रूप से विकासखंड आरंग के ग्राम गुजरा में 30 एकड़ भूमि में ऑयल पाम रोपण कर किसान नई आय के अवसर बना रहे हैं, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने हाल ही में ग्राम गुजरा का दौरा कर रोपण का निरीक्षण किया और किसानों से उनकी अनुभव साझा किए, योजना के अंतर्गत किसानों को रोपण, रखरखाव, अंतरवर्ती फसल, फेंसिंग, नलकूप एवं ड्रिप इरीगेशन के लिए अनुदान दिया जा रहा है, इससे किसानों को शुरुआती निवेश में बड़ी राहत मिल रही है.

ऑयल पाम की विशेषताएँ और लाभ
ऑयल पाम की खेती रोपण के लगभग तीन साल बाद उत्पादन शुरू होता है और 25-30 वर्षों तक लगातार उपज देती है, इससे किसानों को स्थायी आय का स्रोत मिलता है, अंतरवर्ती फसल के माध्यम से शुरुआती वर्षों में भी आय सुनिश्चित होती है, योजना में भूमि की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं है और सभी वर्ग के किसान इसका लाभ ले सकते हैं, एफएफबी (फ्रेश फ्रूट बंच) के बीज का विक्रय 20 रुपए प्रति किलो की दर से किया जाएगा, रायपुर जिले में आरंग के 22 और अभनपुर के 3 किसानों द्वारा कुल 104 हेक्टेयर में खेती की जा रही है.
योजना से किसानों को मिली नई राह
किसानों ने बताया कि, सरकार की इस पहल से उन्हें पारंपरिक फसलों के अलावा लाभकारी खेती का विकल्प मिला है, मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और अनुदान के कारण किसान आत्मविश्वास के साथ ऑयल पाम की खेती कर रहे हैं, नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल पाम न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार है, बल्कि राज्य को तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है.



