CG News: बस्तर पंडुम 2026: राष्ट्रपति मुर्मू ने किया बस्तर पंडुम का उद्घाटन, बोलीं – हिंसा छोड़ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा बस्तर
CG News: जगदलपुर में आयोजित तीन दिवसीय आदिवासी सांस्कृतिक महाकुंभ बस्तर पंडुम का उद्घाटन आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया, बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, उन्होंने बस्तर में आए सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला, इस अवसर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

माओवाद से शांति की ओर बस्तर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि, पिछले चार दशकों तक बस्तर माओवाद से प्रभावित रहा, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं और आदिवासी समाज को हुआ, उन्होंने कहा कि, भारत सरकार की निर्णायक कार्रवाई से अब बस्तर में भय और असुरक्षा का माहौल समाप्त हो रहा है, बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति बहाल हो रही है.

सरेंडर करने वालों के लिए सरकार की योजनाएं
राष्ट्रपति ने कहा कि, जो लोग हथियार छोड़ चुके हैं, उनके लिए सरकार विकास और कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, ताकि वे सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी सकें, सरकार और स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर में विकास का नया सूर्योदय हो रहा है.
गांवों तक पहुंच रहा विकास
उन्होंने कहा कि, अब गांव-गांव में सड़क, बिजली और पानी की सुविधा पहुंच रही है, वर्षों से बंद स्कूल फिर से खुल रहे हैं और बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, यह बदलाव पूरे देश के लिए खुशी का विषय है, राष्ट्रपति ने युवाओं से अपील की कि, वे भटकाने वालों की बातों में न आएं और संविधान व लोकतंत्र में आस्था रखें, उन्होंने कहा कि, ओडिशा के एक छोटे गांव की बेटी का राष्ट्रपति बनना लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है.
बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ की आत्मा है – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, राष्ट्रपति का बस्तर पंडुम में आना बस्तर के लिए आशीर्वाद है, उन्होंने बताया कि, यह आयोजन जनजातीय कलाकारों को मंच देता है, पिछले वर्ष 47 हजार प्रतिभागियों के साथ यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था, जबकि इस वर्ष 52 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है, उन्होंने कहा कि, जहां कभी गोलियों की आवाज गूंजती थी, आज वहां स्कूल की घंटियां बज रही हैं, बस्तर पंडुम केवल आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा है.




