CG News: दुर्ग जिले में धान खरीदी से किसानों को बड़ी राहत, खातों में पहुंचे 1000 करोड़ से अधिक
CG News: दुर्ग जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का यह सीजन किसानों के लिए बड़ी आर्थिक राहत लेकर आया है, इस बार धान बेचने के बाद किसानों के बैंक खातों में शुद्ध रूप से 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई है, इतनी बड़ी रकम सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचने से गांवों की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिली है और आने वाले दिनों में स्थानीय बाजारों में रौनक बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
एक लाख से ज्यादा किसानों ने बेचा धान
जिला सहकारी बैंक के अनुसार, इस खरीफ सीजन में दुर्ग जिले के 1 लाख 6 हजार 709 किसानों ने धान खरीदी केंद्रों में अपनी उपज बेची, कुल 55 लाख 78 हजार 892 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया, केंद्र सरकार द्वारा घोषित 2369 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को कुल 1322 करोड़ 42 लाख रुपये का भुगतान किया गया.

लिंकिंग कटौती के बाद शुद्ध भुगतान
धान बिक्री की कुल राशि में से 321 करोड़ 64 लाख रुपये की कटौती लिंकिंग के तहत की गई, इसमें सहकारी समितियों से लिए गए कृषि ऋण और खरीफ सीजन के दौरान ली गई कृषि सामग्री की राशि शामिल है, कटौती के बाद किसानों के खातों में शुद्ध रूप से 1000 करोड़ 77 लाख रुपये की राशि जमा हुई, जिससे किसानों को कर्ज से बड़ी राहत मिली है.
सरना धान की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी
इस वर्ष जिले के किसानों की पहली पसंद सरना किस्म का धान रहा, कुल खरीदी गई धान की मात्रा में से 38 लाख 64 हजार क्विंटल सरना धान रहा, वहीं, मोटे धान की आवक 13 लाख 24 हजार क्विंटल और पतले धान की आवक 3 लाख 90 हजार क्विंटल दर्ज की गई.
स्थानीय बाजारों में दिखेगा असर
किसानों के खातों में पहुंची इस बड़ी राशि का सीधा असर अब स्थानीय बाजारों में दिखने की उम्मीद है, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े व्यापारियों को ग्रामीण इलाकों से मांग बढ़ने की संभावना है.

407 करोड़ रुपये का अब भी इंतजार
राज्य सरकार की घोषित दर के अनुसार कुल धान मूल्य 1729 करोड़ रुपये बनता है, लिंकिंग कटौती के बाद किसानों को 1407 करोड़ रुपये मिलना था, लेकिन अभी तक केवल 1000 करोड़ रुपये का ही भुगतान हुआ है, शेष 407 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जानी बाकी है.
कर्ज से मुक्ति और हाथ में नकद
धान बिक्री से किसानों को दोहरा फायदा मिला है, एक ओर पुराने कृषि ऋण की भरपाई हुई, तो दूसरी ओर बड़ी मात्रा में नकद राशि हाथ में आई, इससे किसान अगली फसल की तैयारी, बीज-खाद की खरीद और पारिवारिक जरूरतों के साथ छोटे निवेश भी कर पा रहे हैं.
अंतर राशि अब भी बकाया
किसानों को फिलहाल केवल केंद्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य का ही भुगतान मिला है, राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर घोषित की थी, इस हिसाब से 731 रुपये प्रति क्विंटल की अंतर राशि अब भी किसानों को नहीं मिली है.
किसान संगठन ने उठाई मांग
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक राजकुमार गुप्ता ने बताया कि, नियम के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार की राशि एक साथ मिलनी थी, लेकिन राज्य सरकार पिछले ढाई महीने से अंतर की राशि रोके हुए है, यदि यह भुगतान एकमुश्त होता, तो किसानों को इसका कहीं अधिक लाभ मिलता.



