CG News: पर्यटन बना छत्तीसगढ़ का आर्थिक इंजन, संस्कृति और पुरातत्व ने बढ़ाया गौरव, प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत हुई उपलब्धियां
CG News: छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं संस्कृति-पुरातत्त्व संचालक विवेक आचार्य ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीते दो वर्षों की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी.
पर्यटन को उद्योग का दर्जा
डॉ. रोहित यादव ने बताया कि, पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से राज्य में निजी निवेश के नए अवसर खुले हैं, इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के जरिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश सुनिश्चित हुआ है, इससे होटल, रिसॉर्ट, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिला है.

रामलला दर्शन योजना और होम-स्टे नीति
रामलला दर्शन योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 42,500 से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया गया, ग्रामीण पर्यटन को सशक्त करने के लिए छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति 2025-30 लागू की गई है, जिसके तहत 500 नए होम-स्टे विकसित किए जाएंगे.
फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी परियोजना
राज्य में 350 करोड़ रुपये की लागत से चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसका भूमिपूजन किया, यह परियोजना छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी.
भोरमदेव कॉरिडोर और धार्मिक पर्यटन
स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, यह परियोजना काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जा रही है.
सिरपुर, मयाली-बगीचा और चित्रकोट विकास
जशपुर के मयाली-बगीचा सर्किट के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के रूप में विकसित करने मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, चित्रकोट को वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है.
पर्यटन का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रचार
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने स्पेन, थाईलैंड, वियतनाम सहित कई देशों में पर्यटन मेलों में भाग लेकर राज्य के पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाई, राज्य में टूर ऑपरेटरों की संख्या 30 से बढ़कर 300 से अधिक हो गई है, पर्यटन मंडल का लाभ 2 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ रुपये हो गया है, 500 नए होम-स्टे और चित्रकोट में टेंट सिटी विकसित करने की योजना है.
संस्कृति और कलाकार कल्याण
संस्कृति विभाग द्वारा ‘चिन्हारी पोर्टल’ के माध्यम से कलाकारों और साहित्यकारों को पेंशन और आर्थिक सहायता दी जा रही है, दो वर्षों में 200 से अधिक कलाकारों को पेंशन और सहायता राशि प्रदान की गई.
बस्तर पंडुम 2026
बस्तर की जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी से 9 फरवरी तक किया जा रहा है, रीवांगढ़ (रीवां) में हुए उत्खनन से यह प्रमाणित हुआ है कि, छत्तीसगढ़ में मानव सभ्यता 800 ईसा पूर्व से भी पहले विकसित हो चुकी थी, साथ ही भारत भवन और राज्य संग्रहालयों की स्थापना की योजना है.



