CG News: बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती और डॉ. गोडबोले दंपति को पद्म श्री, मुख्यमंत्री साय ने बताया ऐतिहासिक क्षण
CG News: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, बस्तर के सुदूर वनांचलों में निःस्वार्थ सेवा की अलख जगाने वाली तीन विभूतियों, बुधरी ताती, डॉ. रामचंद्र गोडबोले और श्रीमती सुनीता गोडबोले को प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को पूरे प्रदेश के लिए ‘गौरव का क्षण’ बताते हुए तीनों का अभिनंदन किया है.

ममता की प्रतिमूर्ति ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताटी का सम्मान
बस्तर में ‘बड़ी दीदी’ के नाम से मशहूर श्रीमती बुधरी ताती ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचितों और आदिवासियों की सेवा में समर्पित कर दिया है, स्नेह और करुणा की प्रतिमूर्ति मानी जाने वाली बुधरी ताती ने वनांचल के उन इलाकों में मानवता की सेवा की, जहाँ पहुँचना भी कठिन था। उनकी इस दशकों लंबी तपस्या को आज राष्ट्र ने ‘पद्म श्री’ से नवाजा है.
जनजातीय अंचलों में स्वास्थ्य सेवा के मसीहा
जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और सेवा का पर्याय बन चुके डॉ. रामचंद्र गोडबोले और उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले ने निस्वार्थ सेवा की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो विरली ही देखने को मिलती है, दुर्गम क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाने और आदिवासियों के उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों ने हज़ारों जिंदगियां बदली हैं, यह सम्मान उनके उसी अटूट समर्पण का परिणाम है.
‘मौन साधना’ को मिला राष्ट्रीय मंच: CM साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इन तीनों विभूतियों ने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के लिए वर्षों तक ‘मौन साधना’ की है, मुख्यमंत्री ने कहा,
• प्रेरणास्रोत: इनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को सिखाता है कि, सेवा भाव से किया गया कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता,
• बस्तर की पहचान: यह सम्मान सिद्ध करता है कि, बस्तर की संस्कृति केवल परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा और मानवीय संवेदनाओं की भी जननी है,
• राष्ट्रीय गौरव: यह छत्तीसगढ़ की सामाजिक चेतना और जनजातीय संस्कृति का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च सम्मान है.
प्रदेश में खुशी की लहर
इन विभूतियों के चयन से पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर संभाग में हर्ष का वातावरण है, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने इसे बस्तर के बदलते स्वरूप और वहां की सकारात्मकता की जीत बताया है, मुख्यमंत्री ने तीनों के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की यह माटी ऐसे ही रत्नों से देश का मान बढ़ाती रहेगी.


