CG News: पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी, सुरेंद्र दुबे मंडप में चित्रों के जरिए सजी छत्तीसगढ़ की संस्कृति
CG News: नवा रायपुर, अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव में साहित्य के साथ-साथ चित्रकला भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, सुरेंद्र दुबे मंडप में लगी चित्रकला प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ की विविधता, संस्कृति और संवेदनाओं को रंगों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रही है.

छत्तीसगढ़ महतारी की छवि ने मोहा मन
प्रदर्शनी में प्रवेश करते ही सबसे पहले जो चित्र दर्शकों का ध्यान खींचता है, वह है छत्तीसगढ़ महतारी का चित्र, इस चित्र में महतारी के एक हाथ में पंडवानी का तंबूरा, दूसरे हाथ में हंसिया, धान की बालियां और आशीर्वाद की मुद्रा दिखाई गई है, रायपुर की कलाकार सोनल शर्मा द्वारा बनाई गई यह कृति दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ देती है.
बस्तर से राजिम तक कैनवास पर जीवंत दृश्य
कलाकार अवध कंवर की पेंटिंग में बस्तर का बाजार सजीव हो उठता है, यह चित्र देखकर ऐसा लगता है मानो लाला जगदलपुरी और विनोद कुमार शुक्ल की कविताएं रंगों में ढल गई हों, वहीं जांजगीर की कलाकार दिव्या चंद्रा ने अपने चित्र में राजिम कुंभ की दिव्यता को प्रभावशाली ढंग से उकेरा है, जिसे देखकर तीर्थ की ऊर्जा महसूस होती है.

रामगढ़ की पहाड़ियां और कालिदास की स्मृति
प्रदर्शनी में रामगढ़ की पहाड़ियों पर आधारित चित्र भी दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं, इन चित्रों को देखकर ऐसा अनुभव होता है, मानो इसी स्थान पर महाकवि कालिदास ने पहली बार मेघ को देखा हो और वहीं से मेघदूतम् की कल्पना जन्मी हो.
रजत जयंती वर्ष में विशेष आयोजन
कार्यशाला संयोजक भोजराज धनगर ने बताया कि, छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के अंतर्गत यह भव्य चित्रकला प्रदर्शनी आयोजित की गई है, प्रदर्शनी में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जनजीवन को दर्शाने वाली अनेक चित्रकृतियां प्रदर्शित की गई हैं, जो दर्शकों को छत्तीसगढ़ की आत्मा से जोड़ती हैं.
युवा कलाकारों को मिल रहा मार्गदर्शन
चित्रकला प्रदर्शनी के साथ-साथ पेंटिंग कार्यशाला और कार्टून कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है, इन कार्यशालाओं में युवा कलाकारों और विद्यार्थियों को अनुभवी कलाकारों से प्रत्यक्ष मार्गदर्शन मिल रहा है, रंगों की तकनीक, रेखांकन, भाव अभिव्यक्ति और सामाजिक विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
कला और साहित्य का सुंदर संगम
रायपुर साहित्य उत्सव में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, विद्यार्थी और आम दर्शक शामिल हो रहे हैं, कला और साहित्य का यह संगम उत्सव को एक बहुआयामी स्वरूप दे रहा है, जहां शब्दों के साथ-साथ रंगों के जरिए भी भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति हो रही है.




