CG News: आज से रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य आगाज़, उपसभापति हरिवंश करेंगे शुभारंभ
CG News: राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23 जनवरी को रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ होगा, उद्घाटन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश करेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे, शुभारंभ समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सुबह 10.30 बजे से आयोजित होगा.

उद्घाटन समारोह में दिग्गज अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे, उपमुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा तथा प्रसिद्ध रंगकर्मी व अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि होंगे.
देशभर के साहित्यकार, कवि और पत्रकार होंगे शामिल
रायपुर साहित्य महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के जाने-माने साहित्यकार, कवि, लेखक और पत्रकार भाग लेंगे, उत्सव के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक मेला, ओपन टैलेंट मंच, इंगेजमेंट जोन, पेंटिंग कार्यशाला और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया है, आगंतुकों की सुविधा के लिए फूड जोन भी बनाया गया है.

विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में मुख्य मंडप
मुख्य मंच विनोद कुमार शुक्ल मंडप उनकी स्मृति में तैयार किया गया है, जहां प्रमुख कार्यक्रम आयोजित होंगे, इसके अलावा साहित्यिक परिचर्चाओं के लिए लाला जगदलपुरी मंडप, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप और अनिरूद्ध नीरव मंडप बनाए गए हैं.
प्रतिदिन चार से पांच सत्रों का आयोजन
साहित्य उत्सव के दौरान प्रतिदिन चार सत्र आयोजित होंगे,
पहला सत्र: 12.30 बजे
दूसरा सत्र: 2.15 बजे
तीसरा सत्र: 3.45 बजे
चौथा सत्र: 5.15 से 6.30 बजे तक
23 और 24 जनवरी को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे.
23 जनवरी: विमर्श, संवाद और नाट्य प्रस्तुति
पहला सत्र
समकालीन महिला लेखन, भारत के स्व जागरण पर संवाद और डिजिटल साहित्य में प्रकाशकों की चुनौतियों पर परिचर्चा,
दूसरा सत्र
वाचिक परंपरा में साहित्य, कविता की नई चाल और विशेष संवाद कार्यक्रम, जिसमें उपसभापति हरिवंश शामिल होंगे,
तीसरा सत्र
जनजातीय विमर्श, छत्तीसगढ़ का साहित्यिक अवदान और स्व. विनोद कुमार शुक्ल पर स्मृति परिचर्चा,
चौथा सत्र व सांस्कृतिक संध्या
पुरातत्व और साहित्य, सेक्युलरिज्म पर संवाद और राष्ट्रीय कवि संगम का काव्य पाठ, शाम 7 बजे मनोज जोशी द्वारा ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन.
24 जनवरी: साहित्य, मीडिया और सिनेमा पर मंथन
विविध सत्रों में प्रमुख विषय
राष्ट्र सेवा के सौ वर्ष, लोकगीत, धार्मिक फिल्में, भारत का बौद्धिक विमर्श, मीडिया बहस, एआई और साहित्य, डिजिटल युग के लेखक-पाठक और इतिहास पर साहित्यिक दृष्टि.
विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम
स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में काव्य पाठ.
25 जनवरी: संविधान, पत्रकारिता और छत्तीसगढ़ी काव्य
महत्वपूर्ण परिचर्चाएं
संविधान और भारतीय मूल्य, ट्रेवल ब्लॉगिंग, भारत बोध, पत्रकारिता और साहित्य, नाट्यशास्त्र, सिनेमा और समाज तथा शासन और साहित्य पर संवाद.
समापन दिवस का आकर्षण
छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ के साथ साहित्य उत्सव का भव्य समापन.




