CG News: रायपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू, 23 जनवरी से प्रभावी होगी नई प्रणाली
CG News: छत्तीसगढ़ शासन ने राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे सरकार की पूर्व घोषणा का हिस्सा बताते हुए कहा कि, अब यह निर्णय जमीन पर उतर रहा है.

23 जनवरी से लागू होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि, रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम 23 जनवरी से लागू किया जाएगा, जबकि इसकी औपचारिक अधिसूचना आज जारी कर दी गई है, बढ़ती आबादी और शहरी चुनौतियों को देखते हुए यह कदम आवश्यक था.
बढ़ती आबादी बनी निर्णय की वजह
अधिसूचना के अनुसार रायपुर नगर निगम क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या लगभग 19 लाख है, तेजी से हो रहे शहरीकरण, अपराध, ट्रैफिक दबाव और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के चलते कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है.

21 शहरी थाने कमिश्नरेट में शामिल
रायपुर नगर पुलिस जिले के अंतर्गत आने वाले 21 थाना क्षेत्रों को पुलिस कमिश्नरेट सीमा में शामिल किया गया है, अब इन सभी थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था सीधे पुलिस आयुक्त के अधीन होगी, कमिश्नरेट क्षेत्र में सिविल लाइन, कोतवाली, तेलीबांधा, देवेंद्र नगर, गंज, गोल बाजार, पुरानी बस्ती, टिकरापारा, खम्हारडीह, पंडरी, गुढ़ियारी, डीडी नगर, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, सरस्वती नगर सहित कुल 21 थाना क्षेत्र शामिल हैं.
रायपुर ग्रामीण जिला रहेगा अलग
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला कमिश्नरी व्यवस्था से अलग रहेगा, रायपुर ग्रामीण रेंज के अंतर्गत गरियाबंद, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद और रायपुर ग्रामीण जिले शामिल रहेंगे, राज्य सरकार का मानना है कि, पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने से रायपुर में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा तथा निर्णय प्रक्रिया तेज और सशक्त बनेगी.
37 वरिष्ठ पदों का सृजन
नई कमिश्नरी व्यवस्था के तहत कुल 37 वरिष्ठ पद सृजित किए गए हैं, इनमें पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त शामिल हैं, इन अधिकारियों को कानून-व्यवस्था, अपराध शाखा, यातायात, साइबर सेल, महिला अपराध, इंटेलिजेंस, प्रोटोकॉल और मुख्यालय जैसे विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी दी जाएगी.
कई अधिनियमों के तहत अधिकार
कमिश्नरी प्रणाली के तहत पुलिस आयुक्त को धारा 144 लागू करने, जुलूस व सभाओं की अनुमति या प्रतिबंध, निषेधाज्ञा जारी करने और आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने जैसे मजिस्ट्रेटी अधिकार प्रदान किए गए हैं, पुलिस आयुक्त और कमिश्नरेट अधिकारियों को छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007, मोटर वाहन अधिनियम 1988, राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 सहित कई कानूनों के तहत अधिकार दिए गए हैं.




