Jashpur News: शहर के हृदय स्थल में रानीसती तालाब की सौंदर्यीकरण कवायद, 3 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा
Jashpur News: शहर के प्रमुख और ऐतिहासिक जलाशय रानीसती तालाब को पुनः आकर्षक और व्यवस्थित बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है, नगरपालिका ने इस तालाब के सौंदर्यीकरण और सुधार के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है, फिलहाल नगरपालिका शासन की मंजूरी का इंतजार कर रही है.
मंजूरी मिलते ही शुरू होगा बड़ा काम
यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है, तो सबसे पहले तालाब को खाली कराकर गहरीकरण का कार्य प्रमुखता से किया जाएगा, इसके बाद तालाब के चारों ओर पाथवे का निर्माण किया जाएगा, ताकि सुबह-शाम लोग पानी के किनारे खुली हवा में वॉकिंग कर सकें, पाथवे पर रोशनी की व्यवस्था के साथ जगह-जगह बैठने की सुविधाएँ भी बनाई जाएंगी.
टापू पार्क में बनेगा आकर्षक उद्यान
तालाब की टापू में स्थित पार्क को भी संवारने के लिए फूलों के पौधे लगाए जाएंगे, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूलों की व्यवस्था के साथ बैठने की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, इसके अलावा तालाब में फव्वारा लगाने सहित कई अन्य विकास कार्य भी किए जाएंगे.
लोगों की निर्भरता अभी भी बरकरार
शहर में आज भी बड़ी संख्या में लोग निस्तारी जल के उपयोग के लिए तालाबों पर निर्भर हैं, खासकर छठ पूजा के दौरान इन तालाबों के घाटों पर पूरे शहर से लोग उमड़ आते हैं, सामान्य दिनों में देउलबंद और रानीसती तालाब पर रोजाना सैकड़ों लोग स्नान और कपड़े धोने के लिए पहुंचते हैं, यह तालाब न केवल धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि दैनिक जीवन में भी इनकी उपयोगिता बनी हुई है.
शहर के अन्य तालाबों की स्थिति भी चिंताजनक
शहर के अन्य तालाबों की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है,
1. खिड़कीबंद तालाब – कदमटोली में देउलबंद के ऊपर स्थित, जिसे अब सिंघाड़ा तालाब के नाम से जाना जाता है, इसकी दशा बेहद दयनीय है,
2. देउलबंद तालाब – शहर के बड़े तालाब के नाम से प्रसिद्ध, यहां दशकर्म सहित अन्य कर्मकांड होते हैं,
3. रानीसती तालाब – छठ पूजा के दौरान यहां भीड़ जुटती है,
4. भट्ठी रोड तालाब – इस तालाब को जमीन मालिक ने पाट दिया है,
5. बांकीटोली तालाब – शांतिभवन चर्च के सामने स्थित है, जहां तालाब के एक हिस्से में अतिक्रमण बढ़ रहा है.
3 करोड़ का प्रस्ताव तैयार
नगरपालिका ने रानीसती तालाब और पार्क के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, यह प्रस्ताव जल्द ही शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा, नगर निगम के सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय ने बताया कि, स्वीकृति मिलने के बाद काम तेजी से शुरू किया जाएगा.
6 साल पहले भी हुआ था प्रयास
इस तालाब की सफाई का प्रयास पहले भी किया गया था, साल 2019 में जिला प्रशासन ने डीएमएफ फंड से 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी थी, उस समय गहरीकरण का काम शुरू हुआ और तालाब को खाली भी किया गया था, लेकिन काम देर से शुरू होने और जून 2019 में बरसात शुरू होने के कारण सफाई पूरा नहीं हो सका और कार्य रोकना पड़ा.



