न्यूज डेस्क: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से भारत मंडपम में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार (Swachh Servekshan Award) 2023 प्रदान किया। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के युवाओं से भारत को विश्व का सबसे स्वच्छ देश बनाने के लक्ष्य के साथ सहयोग व आगे बढ़ने का आग्रह किया।

किस शहर को मिला प्रथम पुरस्कार
स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2023 की श्रेणी में लगातार सातवीं बार इंदौर को सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार दिया गया। वहीं बंदरगाहों के शहर सूरत ने इंदौर के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। बता दें कि इंदौर शहर मध्य प्रदेश में है जो पिछले छः सालों से स्वच्छ शहर की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है।


स्वच्छता की श्रेणी में अन्य शहरों की स्थिति
सबसे स्वच्छ शहर में जहां इंदौर और सूरत को प्रथम रैंक मिला, वहीं नोएडा को 17वां स्थान मिला है। दस लाख से ज्यादा संख्या वाले शहरों में गाजियाबाद को 18वां, दिल्ली नगर निगम को 28वां, कानपुर को 24वां, लखनऊ को 20वां स्थान मिला। जबकि एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में महाराष्ट्र के सासवेड को प्रथम पुरस्कार मिला।
राजधानी की श्रेणी में भोपाल आगे रहा, एनडीएमसी तीसरे, लखनऊ 9वें, देहरादून 11वें और पटना 12वें स्थान पर रहा। कैंटोनमेंट बोर्ड में महू पहले स्थान पर रहा। वहीं गंगा किनारे स्थित शहरों में वाराणसी को प्रथम और प्रयागराज को द्वितीय स्थान मिला।
राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र को प्रथम, मध्यप्रदेश को द्वितीय, छत्तीसगढ को तीसरे, उत्तरप्रदेश 9वें, बिहार 15वें, झारखंड 16वें और उत्तराखंड को 19वें स्थान मिला है।

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स्वच्छता को लेकर क्या कहा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ?
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश के युवा हमारे सबसे महत्वपूर्ण हितधारक हैं। युवा पीढ़ी देश को स्वच्छ बनाने का संकल्प लेती है तो साल 2047 का भारत अवश्य ही विश्व के स्वच्छ देशों में शामिल होगा और अपनी आजादी के 100 साल का उत्सव मनाएगा।




