CG News: पीपीपी मॉडल पर बनेगा पर्यटन हब, 20 प्रमुख स्थलों का होगा विकास
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए नई पर्यटन नीति तैयार कर रही है, इस नीति में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत पर्यटन स्थलों के विकास और संचालन पर विशेष जोर दिया जाएगा, इससे पहले राज्य के 15 मोटल निजी हाथों में दिए जा चुके हैं और अब इसी मॉडल को पर्यटन स्थलों पर लागू करने की तैयारी है.
पहले चरण में 20 पर्यटन स्थल चयनित
नई नीति के तहत बस्तर, जशपुर और सरगुजा संभाग के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों को पहले चरण में विकसित किया जाएगा, नीति में इको टूरिज्म को प्राथमिकता दी गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिल सके.
सब्सिडी और अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान
सरगुजा और बस्तर संभाग में होम-स्टे, होटल, एडवेंचर स्पोर्ट्स और वेलनेस सेंटर जैसी परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा, सामान्य क्षेत्रों में 45 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी, जबकि आदिवासी और माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान किया गया है.
निजी निवेश और आधुनिक अधोसंरचना
पर्यटन विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार निजी निवेश को आकर्षित करेगी, पर्यटकों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त होटल और रिसॉर्ट विकसित किए जाएंगे, साथ ही पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन स्थलों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.
एडवेंचर और रोजगार के नए अवसर
युवाओं को आकर्षित करने के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा, इससे न केवल पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
बस्तर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य
बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, घने वन क्षेत्र, पौराणिक इतिहास और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं, भगवान राम के वनगमन और ननिहाल से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं को भी पर्यटन से जोड़ा जाएगा.
विशेष पर्यटन परियोजनाएं
• लेजर टूरिज्म: गंगरेल बांध क्षेत्र में लेजर टूरिज्म, लग्जरी रिसॉर्ट और नेचर कैंप का विकास,
• धार्मिक और हेरिटेज टूरिज्म: दंतेवाड़ा, चित्रकोट, सिरपुर, बस्तर और मैनपाट को प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना,
• वेलनेस टूरिज्म: प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य आधारित पर्यटन को बढ़ावा.
अगले वित्तीय वर्ष से लागू होगी नीति
नई पर्यटन नीति को अगले वित्तीय वर्ष से लागू किया जाएगा, इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना, पर्यावरण-अनुकूल विकास को बढ़ावा देना और निजी निवेश के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है.



