CG News: प्रोजेक्ट धड़कन: एक मासूम दिल को मिली नई ज़िंदगी, जिसने बदल दी अरमान की पूरी दुनिया
CG News: रायपुर जिले के गोगांव में रहने वाला छोटा सा अरमान अपने दोस्तों और भाइयों के साथ हंसता-खेलता बड़ा हो रहा था, बार-बार होने वाला सर्दी-बुखार परिवार के लिए चिंता का कारण जरूर था, लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि उसके दिल में एक गंभीर बीमारी छिपी हुई है.
मितानिन की चेतावनी और जांच का दिन
एक दिन गांव की मितानिन ने अरमान की तेज धड़कन को लेकर परिवार को सचेत किया, फिर 13 दिसंबर 2025 को सरोरा स्थित शासकीय स्कूल में चिरायु टीम द्वारा की गई स्वास्थ्य जांच में डॉक्टरों ने अरमान की हृदय धड़कन को असामान्य पाया, यहीं से परिवार की ज़िंदगी ने नया मोड़ लिया.
दिल में छेद और टूटा हुआ हौसला
श्री सत्य साईं नारायण अस्पताल, नया रायपुर में जांच के बाद खुलासा हुआ कि, अरमान के दिल में 18 मिमी का छेद है, ऑपरेशन जरूरी था, ईंट-भट्ठे में काम करने वाले माता-पिता के सामने इलाज का खर्च एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा हो गया.
प्रोजेक्ट धड़कन बना जीवन रक्षक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर संचालित प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ के अंतर्गत अरमान का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया गया, 28 दिसंबर 2025 को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सफल हृदय शल्यक्रिया की, यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि एक परिवार की उम्मीदों को बचाने का क्षण था.
अस्पताल से घर और फिर मैदान तक
लगातार देखभाल और निगरानी के बाद अरमान कुछ ही दिनों में स्वस्थ होकर घर लौट आया, आज वह फिर से दोस्तों के साथ खेलता है, दौड़ता है और खुलकर मुस्कुराता है, डॉक्टरों के अनुसार उसकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार है और वह पूरी तरह स्वस्थ है.
माता-पिता की आंखों में आभार
भावुक होते हुए मां रजनी यादव कहती हैं, “समय पर जांच नहीं होती तो शायद मेरा बच्चा आज मेरे पास न होता, पिता रंगनाथ यादव कहते हैं, “मेरे पास साधन नहीं थे, लेकिन प्रोजेक्ट धड़कन ने मेरे बेटे को नई ज़िंदगी दी.
संवेदनशील शासन की जीवंत मिसाल
अरमान की कहानी केवल एक बच्चे के इलाज की नहीं, बल्कि समय पर हस्तक्षेप, संवेदनशील प्रशासन और भरोसे की जीत की कहानी है, प्रोजेक्ट धड़कन आज उन हजारों बच्चों के लिए आशा की किरण बन चुका है, जिनकी धड़कनें एक बेहतर भविष्य का इंतजार कर रही हैं.



