CG News: बिलासपुर के समग्र विकास पर CM साय की बड़ी बैठक, योजनाबद्ध विकास का नया आयाम
CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, बैठक में शहर एवं बाह्य क्षेत्रों में संचालित और प्रस्तावित विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई.
शहरी विकास पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, न्यायधानी बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए यहां संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि, सभी विकास योजनाएं तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाएं.

पेयजल, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता में
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संबंधित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए, साथ ही ड्रेनेज, जलभराव, प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ शहर की दिशा में ठोस कार्ययोजना पर बल दिया गया.
उद्योग, पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा
बैठक में बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी, एयरपोर्ट विस्तार, नाइट लैंडिंग सुविधा, ई-बस सेवा, ट्रांसपोर्ट नगर, सड़क एवं रेलवे ओवरब्रिज निर्माण जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मिली रफ्तार
शहर के यातायात दबाव को कम करने के लिए फ्लाईओवर, फोरलेन रिंग रोड, रेलवे ओवरब्रिज और बायपास सड़कों के निर्माण हेतु डीपीआर तैयार करने और प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए, अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनी, बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायकगण, महापौर बिलासपुर, मुख्य सचिव एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं का विस्तार
सिम्स के नए अस्पताल भवन, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कैंसर अस्पताल, 24×7 जल आपूर्ति योजना, खेल एवं युवा कल्याण सुविधाओं और आवास योजनाओं को लेकर भी बैठक में अहम फैसले लिए गए, मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, विभागों के आपसी समन्वय से ही शहर और गांव दोनों का समान विकास संभव है, आने वाला बजट “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.



