CG News: महिला एवं बाल विकास विभाग ने पेश किया दो साल का रिपोर्ट कार्ड, छत्तीसगढ़ 2029 तक बाल विवाहमुक्त करने का दावा
CG News: छत्तीसगढ़ को मार्च 2029 तक पूर्ण बाल विवाहमुक्त प्रदेश बनाने का लक्ष्य तय किया गया है, इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्यभर में सघन अभियान चलाया जा रहा है, विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सोमवार को पत्रकारवार्ता में विभाग के दो वर्षों के कार्यों, योजनाओं और उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया.
बाल विवाह के खिलाफ सख्त अभियान
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि, इस वर्ष 50 प्रतिशत ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाहमुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है, अब तक 189 बाल विवाह रोके जा चुके हैं, बालोद प्रदेश का पहला पूर्ण बाल विवाहमुक्त जिला बन गया है, जो इस अभियान की बड़ी उपलब्धि है.

आंगनबाड़ी ढांचे का विस्तार
ग्रामीण क्षेत्रों में 2874 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाएगा, इसके साथ हीं प्रदेश के 4750 आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधायुक्त बनाया गया है, जिससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर पोषण एवं सेवाएं मिल सकें.
महतारी वंदन योजना से महिला सशक्तिकरण
महिला सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना को राज्य सरकार की ऐतिहासिक पहल बताते हुए मंत्री ने कहा कि, पिछले दो वर्षों में 69 लाख से अधिक महिलाओं को डीबीटी के माध्यम से 14,307 करोड़ रुपए सीधे उनके खातों में भेजे गए हैं, शेष हितग्राही महिलाओं का ई-केवाईसी कराया जा रहा है और जल्द ही उन्हें भी भुगतान शुरू किया जाएगा.

कुपोषण पर निर्णायक प्रहार
स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर बच्चों के पोषण स्तर में दिखाई दे रहा है,
• बौनापन की दर 30.8 प्रतिशत से घटकर 24.99 प्रतिशत
• दुर्बलता की दर 10.38 प्रतिशत से घटकर 6.93 प्रतिशत
• कम वजन वाले बच्चों का प्रतिशत 15.50 से घटकर 13.61 प्रतिशत
आंकड़ों के अनुसार बौनापन में 5.89 प्रतिशत और दुर्बलता में लगभग 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
महिला एवं बाल सुरक्षा सेवाओं का विस्तार
प्रदेश के 33 जिलों में संचालित 34 सखी वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से बीते दो वर्षों में 14,376 मामलों का समाधान किया गया, महिला हेल्पलाइन पर प्राप्त 8,959 शिकायतों का निवारण हुआ, जबकि चाइल्ड हेल्पलाइन पर आए 1 लाख 2,106 कॉल में से 3,734 बाल मामलों का समाधान किया गया.
महतारी वंदन योजना पर आईआईएम सर्वे
महतारी वंदन योजना के प्रभाव का आकलन करने के लिए आईआईएम के सहयोग से एक लाख महिलाओं का सर्वे कराया जा रहा है, अब तक 35 हजार महिलाओं का सर्वे पूरा हो चुका है,
सर्वे में सामने आया कि, महिलाएं मिलने वाली राशि का
• 10 प्रतिशत स्वास्थ्य पर
• 25–30 प्रतिशत शिक्षा व घरेलू जरूरतों पर
• 60–65 प्रतिशत आय अर्जन व लघु व्यवसाय में खर्च कर रही हैं,
इस योजना से 85 प्रतिशत महिलाओं की निर्णय-क्षमता बढ़ी है और 75 प्रतिशत महिलाएं खर्च को लेकर स्वयं निर्णय ले रही हैं.
दो सालों में ठोस प्रगति दर्ज
महिला एवं बाल विकास विभाग के दो वर्षों के कार्यकाल में बाल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और पोषण सुधार के क्षेत्र में ठोस प्रगति दर्ज की गई है, सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और कुपोषणमुक्त प्रदेश बनाना है.



