CG News: छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को बड़ा बल, एनआईटी रायपुर को मिली केंद्रीय स्वीकृति
CG News: वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) ने ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास एवं आर्थिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के लिए एनआईटी रायपुर को STREE परियोजना की स्वीकृति प्रदान की, इस अवसर पर 4 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह मौजूद रहे.
परियोजना का उद्देश्य और अवधि
STREE परियोजना का उद्देश्य धमतरी जिले में महिला कौशल उपग्रह केंद्रों की स्थापना करना है, इसके तहत अगले तीन वर्षों में 300 ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, इस परियोजना के लिए 36 माह की अवधि हेतु 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है.

परियोजना का कार्यान्वयन और सहयोगी
परियोजना को एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा, स्थानीय समन्वय में धमतरी जिला प्रशासन के अधिकारी जैसे कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेंद्र सिंह ठाकुर और अन्य जिला अधिकारी शामिल हैं.
नेतृत्व और मार्गदर्शन
एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रामना राव परियोजना का मार्गदर्शन कर रहे हैं, परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सह-प्रधान अन्वेषक पवन कटारिया के साथ कार्य कर रहे हैं, DSIR के वैज्ञानिक डॉ. विपिन शुक्ला और डॉ. वंदना कालिया परियोजना को साकार करने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं.
प्रशिक्षण और कौशल विकास
STREE परियोजना ग्रामीण महिलाओं के समग्र कौशल विकास पर केंद्रित है। इसमें शामिल हैं,
• कोसा रेशम फाइबर निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण
• आधुनिक बुनाई तकनीकें
• उत्पाद डिजाइन और विकास
• उद्यमिता विकास कार्यक्रम
• बाजार संपर्क सहायता
यह पहल विशेष रूप से हाशिये पर बसे और कृषि-आधारित समुदायों की महिलाओं को लक्षित करती है.
परियोजना की विशेषता और महत्व
एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रामना राव ने कहा कि, यह परियोजना समावेशी नवाचार और महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, यह पहल धमतरी जिले की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और सतत आजीविका के अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, यह परियोजना महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को भी प्रोत्साहित करेगी.




