CG News: बस्तर में माओवाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा कैंपों का विस्तार, शांति और विकास की ओर बढ़ रहा क्षेत्र
CG News: बस्तर संभाग के घोर माओवादी प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की पकड़ अब मजबूत हो गई है, कुल 357 सुरक्षा कैंप स्थापित हो चुके हैं, जिनमें 2025 में अकेले 52 नए कैंप बनाए गए, यह सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष ध्यान
नारायणपुर के अबूझमाड़ में 22 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, बीजापुर और सुकमा जिलों में 18 और 12 नए कैंप खोले गए, करेगुट्टा जैसे संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ी है, सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, कैंपों की इस श्रृंखला से माओवादियों की आवाजाही और प्रभाव क्षेत्र सीमित हुआ है, अब ग्रामीण इलाकों में नियमित गश्त और प्रशासनिक गतिविधियां संभव हो रही हैं, धीरे-धीरे आम जीवन और विकास गतिविधियों की वापसी हो रही है.
सुरक्षा कैंप अब विकास के केंद्र भी बने
सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत कैंपों के आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, तुमालपाड़, रायगुड़ेम, उसकावाया, नागाराम, पेदाबोडकेल और उरसांगल जैसे 52 स्थानों पर नए कैंप स्थापित कर प्रशासन ने विकास कार्यों को गति दी है.
शांति और विकास की नई दिशा
सुरक्षा और विकास को साथ लेकर चलने की यह रणनीति बस्तर में माओवादी समस्या का स्थायी समाधान साबित हो सकती है, जमीन पर बदले हालात इस बात का संकेत दे रहे हैं कि, बस्तर अब डर और हिंसा के दौर से निकलकर शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है.



