Jashpur News: जशपुर में शिक्षा को नई उड़ान, 5 हजार छात्रों के लिए बनेंगे आधुनिक आश्रम-छात्रावास
Jashpur News: जशपुर जिले के आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, वर्षों से किराए के जर्जर भवनों में पढ़ रहे छात्रों को अब आधुनिक, सुरक्षित और स्थायी छात्रावास मिलने जा रहे हैं.
तपकरा और कुरडेग छात्रावास लगभग तैयार
आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रयासों से तपकरा (फरसाबहार) और कुरडेग (बगीचा) स्थित प्रमुख छात्रावासों के स्थायी भवन अंतिम चरण में हैं, कुरडेग छात्रावास का निर्माण 152.97 लाख रुपए की लागत से और तपकरा छात्रावास का निर्माण 191.51 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है, नए भवनों में अध्ययन कक्ष, भोजनालय, खेल कक्ष और सुरक्षित परिसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

16 नए आवासीय संस्थान बनेंगे
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जशपुर जिले को 44 करोड़ रुपए का बजट मिला है, इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों में 16 नए आश्रम-छात्रावास बनाए जाएंगे, बगीचा विकासखंड में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर की अधिक आबादी होने के कारण यहां सबसे अधिक 12 नए छात्रावास बनाए जा रहे हैं, ये छात्रावास बुरजूडीह, डोभ, कुरुमढ़ोडा, कुसुमटोली, बछरांव, बेडेकोना, झपरा, गुरम्हाकोना, चलनी, हर्राडीपा, सन्ना और पण्ड्रापाठ में स्थापित होंगे.
अन्य विकासखंडों में भी बनेंगे आश्रम
इसके अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी आवासीय संस्थान बनाए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं,
• जशपुर गिरला में बालक आश्रम
• मनोरा के झरगांव में बालक आश्रम
• दुलदुला के गीधा में बालक आश्रम
• चराईडाड़ बालक आश्रम
• कांसाबेल के चोंगरीबहार में बालक आश्रम
ड्रॉपआउट में कमी की उम्मीद
इन नए निर्माणों से जिले की आवासीय शिक्षा क्षमता में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी, इससे लगभग 5 हजार से ज्यादा आदिवासी छात्रों को बेहतर रहने और पढ़ाई की सुविधा मिलेगी, शिक्षाविद डॉ. बीएन उपाध्याय के अनुसार, छात्रावासों में सभी आवश्यक सुविधाएं और सकारात्मक वातावरण मिलने से स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी आएगी और छात्रों की शैक्षणिक निरंतरता बढ़ेगी.
छात्रावासों का स्थायी भवन प्राथमिकता: सहायक आयुक्त
आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया, छात्रावासों के स्थायी भवन हमारी प्राथमिकता हैं, कुरडेग छात्रावास का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही छात्रों को सौंपा जाएगा, 16 नए छात्रावासों की स्वीकृति से दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच मजबूत होगी.



