Jashpur News: राज्य सरकार ने की रबी का रकबा बढ़ाने बड़ी पहल, सिंचाई परियोजनाओं के लिए 199 करोड़ 49 लाख की स्वीकृति
Jashpur News: जशपुर जिले में रबी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए राज्य शासन ने 11 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, इन परियोजनाओं पर कुल 199 करोड़ 49 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे, इन योजनाओं के पूरा होने से जिले में रबी का रकबा डेढ़ गुना तक बढ़ने की संभावना है.
खरीफ-रबी में बड़ा अंतर
वर्तमान में जिले में खरीफ की खेती लगभग 2 लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में की जा रही है, जबकि रबी की फसल 55 हजार हेक्टेयर से भी कम भूमि पर सीमित है, सिंचाई सुविधाओं की कमी रबी विस्तार में सबसे बड़ी बाधा रही है.

बैराज और एनीकट परियोजनाओं को प्राथमिकता
स्वीकृत योजनाओं में बैराज, एनीकट, तालाब और व्यपवर्तन योजनाओं के निर्माण, मरम्मत और जीर्णोद्धार शामिल हैं, मैनी नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना को जिले के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है, जिससे बड़े क्षेत्र को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी.
मैनी नदी बैराज से हजारों किसानों को लाभ
मैनी नदी पर बनने वाले बैराज के लिए 79 करोड़ 37 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है, इससे आसपास के गांवों की लगभग 2,000 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और किसान खरीफ के साथ-साथ रबी फसल भी ले सकेंगे.
व्यपवर्तन योजनाओं के लिए भारी निवेश
कुनकुरी ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 37 करोड़ 9 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं, पमशाला एनीकट योजना, कोकिया और डुमरजोर व्यपवर्तन योजनाओं सहित कई परियोजनाओं को अलग-अलग राशि स्वीकृत की गई है.
तालाबों के जीर्णोद्धार से बढ़ेगी सिंचाई क्षमता
सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए मेंडरबहार और सहसपुर तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों को भी मंजूरी मिली है, इन तालाबों के पुनरुद्धार से आसपास के खेतों तक लंबे समय तक पानी उपलब्ध हो सकेगा.
छोटी परियोजनाओं से हो रही सिंचाई
जिले में कोई बड़ी सिंचाई परियोजना नहीं होने के कारण खेती छोटी-छोटी योजनाओं पर निर्भर है, अधिकांश व्यपवर्तन योजनाएं पहाड़ी नालों और बरसाती जलस्रोतों पर आधारित हैं, जिससे रबी सीजन में पानी की समस्या बनी रहती है, नई सिंचाई परियोजनाओं से रबी सीजन में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और किसान वर्षभर खेती कर सकेंगे, इससे न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होगा.



