CG News: जशपुर बन रहा है ग्लोबल टूरिज्म ब्रांड, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का नया पर्यटन केंद्र
CG News: जशपुर जिला अब छत्तीसगढ़ के सबसे तेजी से उभरते पर्यटन केंद्रों में शामिल हो चुका है, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से यहाँ एडवेंचर, इको–टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान मिल रही है, पहाड़, जंगल, नदी, झरने और जनजातीय संस्कृति जशपुर को अनोखा पर्यटन अनुभव बनाते हैं.
पहाड़–जंगल–संस्कृति का अनोखा संगम
जशपुर में आने वाले पर्यटक अक्सर कहते हैं कि, यहाँ एक ही जगह पर कई अनुभव मिलते हैं, घने जंगल, ठंडी वादियाँ, ऊँची पर्वत श्रृंखलाएँ, झरनों की ताजगी और समृद्ध जनजातीय संस्कृति, इसके अलावा हाल का चार दिवसीय जम्बूरी उत्सव जशपुर की सांस्कृतिक खूबसूरती को सामने लाया, जहाँ युवाओं ने करमा नृत्य, स्थानीय व्यंजन और आदिवासी कला को करीब से जाना.
प्रकृति को महसूस करने का नया अनुभव
सरकार का लक्ष्य है कि, पर्यटक जशपुर की प्रकृति को सिर्फ देखें नहीं, बल्कि महसूस करें, इसी उद्देश्य से कई इको–फ्रेंडली गतिविधियाँ शुरू की गई हैं, जंगल ट्रेल, पहाड़ी भ्रमण, बर्ड वॉचिंग, प्रकृति आधारित कैंपिंग, इनसे जहाँ यात्रियों को शांति मिलती है, वहीं स्थानीय समुदाय को रोजगार भी मिलता है.
नए रूप में जशपुर की पहचान
मार्च 2025 में जिले के तीन प्रमुख पर्यटन सर्किट शुरू किए गए, पहला आध्यात्मिक एवं विरासत सर्किट, तमता, कैलाश गुफा, मधेश्वर पर्वत और ग्वालिन सरना जैसे धार्मिक–ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ता यह सर्किट आध्यात्मिक पर्यटन को नई ताकत देता है, यहाँ मार्ग निर्माण, साइन बोर्ड और प्रकाश व्यवस्था जैसी कई सुविधाएँ विकसित की गई हैं, दूसरा प्रकृति एवं वन्यजीव सर्किट, मकरभंजा जलप्रपात, बदल्खोल अभ्यारण्य, रानीडाह और सरुडीह चाय बागान इस सर्किट के प्रमुख आकर्षण हैं, जनवरी–मार्च 2025 के बीच यहाँ ट्रेल्स और अवलोकन डेक विकसित किए गए और तीसरा साहसिक पर्यटन सर्किट, डांगरी कैंपसाइट, बेलवार जलप्रपात और सरना पर्वतारोहण क्षेत्र को साहसिक खेलों का नया केंद्र बनाया गया है, यहाँ फरवरी–मार्च 2025 में एडवेंचर पार्क और खेल सुविधाएँ शुरू की गई हैं.
एडवेंचर टूरिज्म – रोमांच का नया घर
जशपुर के जंगल, पहाड़ और घाटियाँ इसे रोमांच प्रेमियों के लिए परफेक्ट लोकेशन बनाती हैं, यहाँ रॉक क्लाइम्बिंग, ट्रेकिंग, जंगल ट्रेल, ऑफ–रोडिंग और नदी किनारे कैम्पिंग गतिविधियाँ उपलब्ध हैं और जल्द हीं आधिकारिक ट्रेकिंग रूट और क्लाइम्बिंग जोन खोले जाएंगे.
संस्कृति को करीब से जीने का मौका
पर्यटक यहाँ आते ही स्थानीय जीवन का हिस्सा बन जाते हैं, जनजातीय व्यंजन, कला–शिल्प कार्यशाला, लोक नृत्य–संगीत, जनजातीय जीवन की कहानियाँ, इससे कलाकारों, शिल्पकारों और स्थानीय समुदाय की मजबूत आर्थिक वृद्धि हो रही है.
जशपुर के युवाओं की नई उड़ान
जुलाई 2025 में शुरू हुई तीरंदाजी अकादमी एनटीपीसी के सहयोग से विकसित की जा रही है, अगस्त–दिसंबर 2025 तक आधुनिक रेंज और ट्रेनिंग सुविधाएँ पूरी की गईं, लक्ष्य है कि, जशपुर के युवा राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बनें.
महिलाओं की आर्थिक ताकत
जंगल की उपज से तैयार होने वाले उत्पाद अब जशप्योर ब्रांड के तहत देशभर में पहचान पा रहे हैं, महिलाएँ महुआ जूस, महुआ लड्डू, रागी पास्ता, कोदो–कुटकी चावल, हर्बल कैंडी व कुकीज़ प्राकृतिक चीजों से बना रही हैं, इन उत्पादों को अब ग्रीन गोल्ड कहा जा रहा है.
अब एयरपोर्ट्स तक पहुंचेगा जशपुर
रेयर प्लेनेट के साथ हुए करार के बाद जशप्योर के उत्पाद अब देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उपलब्ध होंगे, इससे स्थानीय महिलाओं के उत्पादों को विशाल राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा, स्थानीय गाइड, कलाकार, किसान और शिल्पकार पर्यटन मॉडल के मुख्य स्तंभ हैं, सरकार उनके हस्तशिल्प को स्टोर्स में प्रदर्शित कर रही है, जिससे उन्हें सीधी आय मिल रही है और सामुदायिक अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है.
आने वाले 5 वर्षों का विज़न
सरकार का रोडमैप जशपुर को प्रकृति, रोमांच और संस्कृति के केंद्र के रूप में विकसित करने पर केंद्रित है, मुख्य फोकस इको–फ्रेंडली पर्यटन, नए कैम्पसाइट, नए ट्रेकिंग रूट, सांस्कृतिक केंद्र और अनुभवात्मक पर्यटन पर है, जशपुर आने वाले वर्षों में दुनिया के मानचित्र पर एक नया ग्लोबल टूरिज्म ब्रांड बनने की ओर बढ़ रहा है.



