CG News: साय कैबिनेट के बड़े फैसले, अब 200 यूनिट तक बिजली बिल पर 50% छूट
CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आज मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई, बैठक में घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल कम करने से लेकर औद्योगिक व प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
200 यूनिट तक मिलेगी 50% बिजली बिल की छुट
राज्य सरकार ने जनता को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के तहत बड़ी घोषणा की है, अब 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट प्रति माह तक की बिजली खपत पर 50% बिजली बिल छूट मिलेगी, यह लाभ 400 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी उपलब्ध होगा, इस निर्णय से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे.
200-400 यूनिट खपत करने वालों को विशेष लाभ
राज्य के 200–400 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक बिजली बिल में 50% छूट मिलती रहेगी, यह सुविधा उन्हें अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, इस श्रेणी में 6 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा.
सोलर प्लांट पर अतिरिक्त सब्सिडी
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है, इसमें 1 kW सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये सब्सिडी और 2 kW या अधिक क्षमता पर 30,000 रुपये सब्सिडी दी जाएगी, यह पहल राज्यभर में सौर ऊर्जा अपनाने को तेज़ी से बढ़ावा देगी और उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी.
स्थानीय लघु उद्योगों को बड़ा लाभ
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम, 2002 में संशोधन को मंजूरी दी है, सुधारों से स्थानीय सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन, जेम पोर्टल पर क्रय प्रक्रिया में स्पष्टता, सरकारी खरीद में अधिक पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा और संसाधन और समय की बचत जैसे कई फायदे हैं.
निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप को स्वीकृति दे दी है, यह विधेयक राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थागत संचालन में सुधार सुनिश्चित करेगा.
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए, दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 को मंजूरी दी, इससे व्यापार संचालन में सरलता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा.




