CG News: डिजिटल छत्तीसगढ़ की भावनात्मक मिसाल, तकनीक ने मिटाई दूरी
CG News: डिजिटल भारत अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की ई-सेवाएँ अब सिर्फ सुविधाएँ नहीं, बल्कि लोगों के लिए मजबूत सहारा बन चुकी हैं, इसका जीवंत उदाहरण हैं, भुवनेश्वर में रहने वाली सोनम त्रिपाठी, जिन्होंने बिना बिलासपुर आए अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और अपनी बीमार माताजी का बैंक खाता आसानी से भुवनेश्वर में ट्रांसफर करवा लिया.
डिजिटल सेवाओं ने दी राहत
शादी के बाद भुवनेश्वर में रहने वाली सोनम की माताजी–पिताजी बिलासपुर में रहते थे, पिता के निधन के बाद नगरपालिका ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी तो कर दिया, पर जब माताजी को इलाज के लिए भुवनेश्वर लाना पड़ा और बैंक खाते के ट्रांसफर की आवश्यकता हुई, तब पता चला कि, बैंक को डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र चाहिए, यह जानकारी न होने के कारण प्रक्रिया अटक गई, और परिवार उलझन में पड़ गया.
छत्तीसगढ़ की ई-सेवा बनी संबल
समाधान की तलाश में सोनम ने इंटरनेट पर संबंधित विभाग का नंबर खोजा और सीधे जन्म–मृत्यु पंजीकरण कार्यालय, बिलासपुर से संपर्क किया, कर्मचारी ने आवश्यक दस्तावेज़ों और ऑनलाइन प्रक्रिया की सरल जानकारी दी, डिजिटल व्यवस्था की बदौलत महज़ कुछ दिनों में प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो गया और बैंक की सभी औपचारिकताएँ तुरंत पूरी हो गईं.
सोनम का अनुभव
सोनम कहती हैं कि, यदि उन्हें डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी पहले होती, तो काम और जल्दी हो जाता, वे सलाह देती हैं कि, बैंकिंग, पेंशन, संपत्ति या सरकारी कार्यों में रुकावट से बचने के लिए जरूरी दस्तावेज़ समय पर ऑनलाइन बनवा लेना चाहिए, उनका अनुभव बताता है कि, सूचनाओं की उपलब्धता, तकनीक और डिजिटलीकरण कैसे जटिल कामों को भी सरल बना देते हैं.
एक क्लिक पर सरकारी सेवाएँ
छत्तीसगढ़ में जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र, शिकायत निवारण, प्रमाण पत्र उपलब्धता और कई अन्य सेवाओं का डिजिटलीकरण आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है, अब बिलासपुर से बस्तर तक लोग घर बैठे, प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे हैं, आवेदन की स्थिति देख पा रहे हैं, समय और धन दोनों की बचत के साथ हीं पारदर्शी और विश्वसनीय सेवाओं का लाभ भी उठा रहे हैं, सोनम की कहानी साबित करती है कि, डिजिटल सेवाएँ सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि नागरिकों की वास्तविक जरूरतों में तुरंत सहायता पहुँचाने का माध्यम हैं.
डिजिटल सेवाएँ, सरल जीवन: CM साय
छत्तीसगढ़ की आधुनिक ई-गवर्नेंस व्यवस्था को रेखांकित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, “डिजिटल छत्तीसगढ़ का उद्देश्य ही यही है कि, हर नागरिक को घर बैठे, तेज़ और सरल तरीके से सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हों.




