CG News : जशपुर में राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आगाज़
CG News : स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय जशपुर में चार दिवसीय राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी और विज्ञान मेला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन इन दिनों शहर में विज्ञान, नवाचार और तकनीक का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे युवा विज्ञानियों ने अपने रचनात्मक और तकनीकी मॉडलों के माध्यम से भविष्य की वैज्ञानिक संभावनाओं और नई तकनीकों की झलक पेश की।
पर्यावरण बचाव पर केंद्रित मॉडल
प्रदर्शनी में इलेक्ट्रिक वाहनों की भविष्य की चार्जिंग तकनीक, करेंसी नोटों के संक्रमण नियंत्रण, और प्रदूषण रोकथाम सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किए गए। शहरवासियों की भारी भीड़ इन मॉडलों को देखने और समझने के लिए लगातार प्रदर्शनी स्थल पर पहुंच रही है।
डाइट प्राचार्य एम. ज़ेड. यू. सिद्दीकी ने बताया कि प्रदेश के 9 जोन से कुल 379 छात्र-छात्राएं प्रदर्शनी में हिस्सा ले रहे हैं। इनके साथ 50 मार्गदर्शक शिक्षक भी शामिल हुए हैं। सभी प्रतिभागियों के रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था की गई है। आयोजन के तीसरे दिन सुबह से ही लोगों का उत्साह देखने लायक रहा।
नवाचार प्रस्तुत करते दिखा आत्मविश्वास
प्रदर्शनी स्थल पर आए दर्शकों ने न केवल मॉडलों को देखा, बल्कि उन्हें तैयार करने वाले छात्रों से उनकी उपयोगिता, तकनीकी प्रक्रिया और समाज पर उनके प्रभाव के बारे में विस्तार से बातचीत भी की। युवा विज्ञानियों ने भी आत्मविश्वास के साथ हर प्रश्न का जवाब दिया, जिससे उनकी तैयारी, वैज्ञानिक समझ और रचनात्मक सोच का पता चलता है।
ईवी चार्जिंग मॉडल बना आकर्षण का केंद्र
दंतेवाड़ा से आए दिव्यांग छात्र कमलेश कुमार अपने अनोखे मॉडल की वजह से विशेष चर्चा में रहे। उन्होंने ऐसी तकनीक का मॉडल प्रस्तुत किया जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन चलते-चलते ही चार्ज हो सकेंगे।
कमलेश का कहना है कि ईवी की सबसे बड़ी चुनौती बैटरी चार्ज करने में लगने वाला समय है। यदि वाहन सड़क पर दौड़ते हुए ही चार्ज हो सकें, तो यह तकनीक भविष्य के परिवहन के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकती है। दर्शकों ने उनके इस अभिनव विचार को भविष्य के लिए बेहद उपयोगी करार दिया।
करेंसी नोटों से संक्रमण पर जागरूकता मॉडल
रायपुर जोन की छात्रा डिंपल ठाकुर ने करेंसी नोटों से संक्रमण फैलने की समस्या को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शित किया। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा के लेन-देन में नोट कई हाथों से गुजरते हैं, लेकिन हम हाथ साफ करने जैसी बुनियादी सावधानियों को नजरअंदाज़ कर देते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
डिंपल ने मॉडल के माध्यम से समझाया कि नोटों को छूने के बाद हाथ मुंह, नाक या कान तक पहुंचते हैं, जिससे रोगाणु शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से डिजिटल भुगतान (UPI) को बढ़ावा देने और नोटों का उपयोग करने के बाद हाथ अवश्य साफ करने की अपील की।
मार्गदर्शकों ने की आयोजन की सराहना
बिलासपुर जोन से आए मार्गदर्शक मनोज यादव ने प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इससे उन्हें अपने विचारों, प्रयोगों और नवाचारों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी प्रतिभा निखरकर समाज के सामने आती है और विज्ञान के प्रति आकर्षण बढ़ता है।




