CG News: छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण बनेगा जनआंदोलन, सरकार ने तय किया बड़ा रोडमैप
CG News: रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” की समीक्षा की। 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरचनाओं का लक्ष्य रखा गया है। जियोटैगिंग, वॉटर बजट, डबरी निर्माण और जनभागीदारी से भू-जल सुधार व जल सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
विष्णु देव साय–सी. आर. पाटिल की संयुक्त समीक्षा बैठक
नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। केंद्रीय मंत्री वर्चुअली जुड़े, जबकि बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर के कलेक्टरों ने जिलों में चल रहे कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट अब केवल पर्यावरणीय नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक चुनौती भी है, इसलिए जनभागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण संदेश का उल्लेख करते हुए इसे जनआंदोलन बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
पहले चरण की सफलता और भू-जल सुधार के संकेत
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया था और कई जिलों को पुरस्कार मिले। सामुदायिक भागीदारी से बोरवेल रिचार्ज, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाएं बनाई गईं। राज्य में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं, जिनमें से कुछ में 2025 के दौरान भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है।
10 लाख जल संरचनाओं का लक्ष्य और तकनीक पर जोर
दूसरे चरण में 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे सिंचाई और मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा। सभी संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायत वॉटर बजट और “जल मित्र” प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू होंगे। केंद्रीय मंत्री ने मनरेगा फंड के प्रभावी उपयोग और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में नवा रायपुर से वरिष्ठ अधिकारी और सभी कलेक्टर वर्चुअली जुड़े।



